UP STF से कोई नहीं बच सकता: 2 लाख के इनामी कुख्यात दो भाई गिरफ्तार, 10 साल बाद सुलझा ड्राइवर हत्याकांड

यूपी एसटीएफ ने हत्या, लूट और ठगी के मामलों में 10 वर्षों से फरार चल रहे दो सगे भाइयों हसीब और नसीब को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पहचान बदलकर इंदौर में रह रहे थे और अयोध्या व पीलीभीत में इन पर इनाम घोषित था।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 2 February 2026, 9:46 PM IST
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Ayodhya: कानून से भागना आसान होता है, लेकिन हमेशा के लिए नहीं। एक दशक तक पुलिस को चकमा देने वाले दो सगे भाई आखिरकार यूपी एसटीएफ के शिकंजे में आ ही गए। हत्या, लूट और धोखाधड़ी जैसे संगीन मामलों में वांछित एक-एक लाख रुपये के इनामी आरोपी हसीब और नसीब को STF ने अयोध्या से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों इतने शातिर थे कि पहचान बदलकर दूसरे राज्य में रह रहे थे, लेकिन अपराध की परतें आखिर खुल ही गई।

अयोध्या से हुई गिरफ्तारी

यूपी एसटीएफ ने हसीब और नसीब को अयोध्या जिले के कोतवाली बीकापुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी मूल रूप से पीलीभीत जिले के थाना सेरामऊ उत्तरी क्षेत्र के रायपुर गांव के रहने वाले हैं। गिरफ्तारी के दौरान उनके कब्जे से दो फर्जी आधार कार्ड, दो फर्जी पैन कार्ड और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। ये सभी फर्जी दस्तावेज मध्य प्रदेश के इंदौर पते पर समीर खान और रेहान खान के नाम से बनवाए गए थे, जिनके सहारे दोनों अपनी असली पहचान छिपाकर रह रहे थे।

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मध्य प्रदेश में छिपे होने की मिली थी सूचना

एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को टीम को सूचना मिली थी कि दोनों इनामी आरोपी मध्य प्रदेश में छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर STF की टीम ने इंदौर में दबिश दी और दोनों को हिरासत में लेकर अयोध्या लाया गया। साक्ष्यों और पुष्टि के बाद सोमवार को दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।

निवेश के नाम पर की थी करोड़ों की ठगी

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वर्ष 2014 में हसीब ने अपने भाई नसीब और साथियों फुरकान, जमीलू रहमान और चारिस अली के साथ मिलकर ‘खुशहाल रियल ट्रेडर्स प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से एक कंपनी बनाई थी। इस कंपनी के जरिए लोगों को पैसा दोगुना करने का लालच दिया गया और बड़ी रकम निवेश के नाम पर हड़प ली गई। ठगी सामने आने के बाद पीलीभीत के सेरामऊ उत्तरी थाने में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ।

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ड्राइवर की हत्या कर लूट ली थी टवेरा

साल 2016 में नसीब ने भाई हसीब और साथी बसील के साथ मिलकर वाराणसी में लूट की साजिश रची। तीनों ने वाराणसी से लखनऊ जाने के लिए एक टवेरा गाड़ी बुक की। रास्ते में चाय पिलाने के बहाने ड्राइवर को नशीला पदार्थ पिलाया गया और बेहोश होने पर अंगोछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। शव को अयोध्या क्षेत्र में सड़क किनारे फेंक दिया गया और गाड़ी लेकर आरोपी गांव चले गए। बाद में टवेरा को बेचने के लिए साथी शकील को सौंप दिया गया।

पहचान बदलकर इंदौर में काट रहे थे फरारी

हत्या और लूट के बाद दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश छोड़कर इंदौर में जा बसे थे। वहां फर्जी पहचान के सहारे सामान्य जिंदगी जी रहे थे। अयोध्या और पीलीभीत में दोनों पर हत्या, लूट और धोखाधड़ी के कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पीलीभीत से भी दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। फिलहाल दोनों को कोतवाली बीकापुर में दाखिल किया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

Location : 
  • Ayodhya

Published : 
  • 2 February 2026, 9:46 PM IST

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