Uttarakhand News: 12वीं की परीक्षा में असफल होने पर छात्रा ने की आत्महत्या, क्षेत्र में शोक की लहर

डोईवाला क्षेत्र से जहां गन्ना कृषक पब्लिक स्कूल की कक्षा 12 की छात्रा ने बोर्ड परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने के कारण की आत्महत्या। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट

Updated : 20 April 2025, 8:10 AM IST
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देहरादूनबच्चे पढ़ते हैं। मेहनत करते है और अपने माता पिता का नाम रोशन करने का सपना पूरा करते हैं। ऐसा ही सपना देहरादून की बेटी ने देखा था। लेकिन जब कक्षा में वो फेल हुई तो उसके सारे सपने टूट गए। जिसके बाद उसने खौफनाक कदम उठा लिया। डोईवाला क्षेत्र का पूरा मामला ये बताया जा रहा है। जहां पर कक्षा 12वीं की छात्रा ने आत्महत्या कर ली क्योंकि वो 12वीं की बोर्ड परीक्षा में फेल हो गई थी। इस दुखद घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता, मृतका की उम्र 18 वर्ष थी जो वे वार्ड नंबर 15 में रहती थी। शनिवार को जब उत्तराखंड बोर्ड का 12वीं का परिणाम घोषित हुआ, तो छात्रा को पता चला कि वह परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पाई है। इससे वह बेहद आहत और मानसिक रूप से परेशान हो गई और आत्महत्या जैसा गलत कदम उठा लिया।

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नहीं कर सकी 12वीं की कक्षा पास

बताया जा रहा है कि शनिवार शाम लगभग 4 बजे, छात्रा ने अपने कमरे में जहरीला पदार्थ सेवन कर लिया। जब परिजनों को इसकी जानकारी हुई, तो तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।

पुलिस की जांच पड़ताल

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का कारण परीक्षा में असफलता को ही बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है जिससे सच्चाई सामने आ सके।

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छात्रों पर बढ़ते परीक्षा दबाव

इस दुखद घटना ने एक बार फिर छात्रों पर बढ़ते परीक्षा दबाव और मानसिक तनाव की गंभीरता को उजागर किया है। स्थानीय लोग और शिक्षाविद् इस बात पर चिंता जता रहे हैं कि युवाओं को मानसिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें असफलता को स्वीकार करने की सीख देना अब पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है। ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, जहां छात्र-छात्रोओं ने परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने पर आत्महत्या कर ली है। बच्चों को मानसिक रुप से सशक्त बनाना बेहद जरुरी है क्योंकि वे छोटी- छोटी बातों पर घबरा कर गलत कदम उठा लेते हैं।

इसके लिए सबसे पहले उनके माता-पिता को अपने बच्चों से बहुत सख्ती से पेश नहीं आना चाहिए, क्योंकि उनके बच्चे फिर अपनी बात अपने ही माता- पिता के सामने रखने से डरते हैं और नासमझी में गलत कदम उठा लेते हैं क्योंकि उनका दिमाग अभी मानसिक रुप से इतना विकसित नहीं होता है।

Location :  Uttarakhand

Published :  20 April 2025, 7:29 AM IST

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