बनभूलपुरा मामले में अब्दुल मलिक को जमानत; क्या है पूरा विवाद?

उत्तराखंड हाई कोर्ट ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा कांड के मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक को बड़ी राहत देते हुए जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों की स्थिति स्पष्ट न होने पर यह फैसला सुनाया। राज्य सरकार ने जमानत का विरोध किया था, जबकि बचाव पक्ष ने उन्हें निर्दोष बताया।

Nainital: उत्तराखंड हाई कोर्ट ने हल्द्वानी के बहुचर्चित बनभूलपुरा कांड के कथित साजिशकर्ता और मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें राहत दी है। यह सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा और न्यायमूर्ति आलोक महरा की खंडपीठ में हुई।

कोर्ट ने सुनवाई के बाद आदेश दिया कि अब्दुल मलिक को दंगे से जुड़े मामलों में जमानत पर रिहा किया जाए। इस फैसले के बाद मामले में एक नया मोड़ आ गया है और कानूनी प्रक्रिया एक बार फिर चर्चा में है।

मुकदमों की स्थिति स्पष्ट न होने पर मिला लाभ

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार और आरोपी पक्ष से अब्दुल मलिक के खिलाफ दर्ज अन्य मुकदमों की स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। सरकार की ओर से बताया गया कि उनके खिलाफ कुल सात अन्य मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से कुछ में वे बरी हो चुके हैं जबकि कुछ मामलों की स्थिति स्पष्ट नहीं है।

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इसी अस्पष्टता को आधार बनाते हुए अदालत ने दंगे से जुड़े तीन लंबित मामलों में जमानत देने का निर्णय लिया। कोर्ट ने माना कि जब सभी मामलों की स्थिति स्पष्ट नहीं है, तो कठोर हिरासत में रखना उचित नहीं होगा।

सरकार का विरोध, बचाव पक्ष का दावा

राज्य सरकार ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि बनभूलपुरा कांड की शुरुआत अवैध अतिक्रमण से हुई थी, जिसमें सरकारी भूमि पर कब्जे को हटाने के दौरान हिंसा भड़की। इस दौरान पथराव, आगजनी और हिंसा में कई लोग घायल हुए और कुछ की मौत भी हुई।

सरकार का कहना था कि अब्दुल मलिक इस पूरे मामले के मुख्य साजिशकर्ता हैं, इसलिए उन्हें जमानत नहीं मिलनी चाहिए। वहीं बचाव पक्ष ने दावा किया कि मलिक को झूठा फंसाया गया है और उनका नाम एफआईआर में बाद में जोड़ा गया।

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बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि इसी मामले में पहले ही 100 से अधिक लोगों को जमानत मिल चुकी है, इसलिए समानता के आधार पर उन्हें भी राहत दी जानी चाहिए।

Location :  Nainital

Published :  16 April 2026, 7:36 PM IST

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