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उत्तराखंड हाई कोर्ट (Img- Pinterest)
Nainital: उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल शहर को झकझोर कर रख देने वाले एक चर्चित नाबालिग बच्ची के यौन शोषण के मामले में नया मोड़ सामने आया है। उत्तराखंड उच्च न्यायालय (हाई कोर्ट) ने इस जघन्य अपराध के मुख्य आरोपी 72 वर्षीय ठेकेदार उस्मान खान की दूसरी जमानत याचिका पर सुनवाई की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने फिलहाल आरोपी को किसी भी तरह की अंतरिम राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। इसके साथ ही, उच्च न्यायालय ने संबंधित निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) से इस पूरे मामले की अब तक की प्रगति और सुनवाई की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
शुक्रवार को इस संवेदनशील मामले की सुनवाई हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ में हुई। आरोपी उस्मान खान की तरफ से कोर्ट में दूसरा जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल कर रिहाई की गुहार लगाई गई थी। इससे पहले भी आरोपी की तरफ से जमानत याचिकाएं दाखिल की जा चुकी हैं।
पूर्व की सुनवाइयों के दौरान हाई कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया था। इसके साथ ही, उच्च न्यायालय ने हल्द्वानी की अतिरिक्त जिला जज (एडीजे) कोर्ट को इस गंभीर मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए महज तीन महीने के भीतर ट्रायल (अदालती सुनवाई) को हर हाल में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए थे।
शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील और बचाव पक्ष की ओर से अदालत के सामने तर्क दिया गया कि तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी निचली अदालत में ट्रायल अभी तक पूरी तरह से समाप्त नहीं हो पाया है। इसके साथ ही याचिका में यह भी दलील दी गई कि ट्रायल कोर्ट के समक्ष मामले से जुड़े सभी प्रमुख और महत्वपूर्ण गवाहों के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं।
बचाव पक्ष का कहना था कि चूंकि मुख्य गवाहों की गवाही हो चुकी है, इसलिए अब आरोपी की रिहाई होने पर बयानों या सबूतों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ या गवाहों को प्रभावित करने की कोई आशंका बाकी नहीं रह जाती है। इस आधार पर वृद्ध आरोपी को मानवीय और कानूनी दृष्टिकोण से जमानत का लाभ दे दिया जाना चाहिए।
हालांकि, उच्च न्यायालय ने अपराध की गंभीरता और सामाजिक प्रभाव को देखते हुए बचाव पक्ष की इन दलीलों पर सहमति नहीं जताई। अदालत ने उस्मान खान को कोई भी तात्कालिक राहत या जमानत देने से साफ मना कर दिया। हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए ट्रायल कोर्ट को यह आदेश दिया है कि वह निर्धारित समय के भीतर चल रहे मुकदमे की वर्तमान स्थिति और अब तक की पूरी कार्यवाही की एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट उच्च न्यायालय के समक्ष पेश करे।
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गौरतलब है कि आरोपी उस्मान खान पर नैनीताल के मल्लीताल कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाली एक 12 वर्ष की मासूम नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म और गंभीर यौन शोषण करने का आरोप है। इस अमानवीय कृत्य की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता के परिजनों ने मल्लीताल कोतवाली में आरोपी के खिलाफ नामजद लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। मामला जैसे ही समाज में उजागर हुआ, पूरे नैनीताल शहर में भारी आक्रोश फैल गया था।
स्थानीय नागरिक संगठनों और स्थानीय निवासियों ने सड़कों पर उतरकर उग्र विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने स्थानीय बाजार में जमकर तोड़फोड़ और हंगामा भी किया था, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुकदमा दर्ज कर आरोपी उस्मान खान को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से ही आरोपी लगातार सलाखों के पीछे है और इससे पहले उत्तराखंड हाई कोर्ट सहित देश की सर्वोच्च अदालत (सु्रीम कोर्ट) भी उसकी जमानत याचिका को नामंजूर कर चुकी है।
Location : Nainital
Published : 19 June 2026, 4:10 PM IST