हिंदी
देवरिया में दिव्यांगजनों का हल्लाबोल (IMG: Dynamite News)
Deoria: अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरना कोई नई बात नहीं है, लेकिन देवरिया में सोमवार को दिव्यांगजनों का प्रदर्शन उस वक्त चर्चा में आ गया, जब उन्होंने सिर्फ पेंशन और बिजली जैसी सुविधाओं की मांग ही नहीं उठाई, बल्कि पुलिस पर एक दिव्यांग व्यक्ति के साथ कथित मारपीट और फर्जी मुकदमे में फंसाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। जिला मुख्यालय पर बड़ी संख्या में पहुंचे दिव्यांगजनों ने अपनी आवाज बुलंद की और 13 सूत्रीय मांगों वाला ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि अगर उनकी समस्याओं पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।
सोमवार को देवरिया जिला मुख्यालय पर दिव्यांगजनों का प्रतिनिधिमंडल अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुंचा। हाथों में ज्ञापन और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे दिव्यांगजनों ने प्रशासन से समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं का लाभ आसानी से मिलना चाहिए, लेकिन कई मामलों में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी को लेकर उन्होंने अपनी 13 सूत्रीय मांगों को प्रशासन के सामने रखा।
दिव्यांगजनों की प्रमुख मांगों में दिव्यांग पेंशन की राशि बढ़ाना शामिल है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच वर्तमान पेंशन राशि से रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना बेहद मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए पेंशन सिर्फ सरकारी सहायता नहीं, बल्कि कई लोगों के लिए जीवन-यापन का महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे में मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए पेंशन में पर्याप्त बढ़ोतरी की जानी चाहिए, ताकि दिव्यांगजनों को आर्थिक परेशानियों से कुछ राहत मिल सके।
दिव्यांगजनों ने बिजली को लेकर भी अपनी आवाज उठाई। उन्होंने दिव्यांग परिवारों को बिजली कनेक्शन देने में विशेष सुविधा और बिजली के बिल में छूट दिए जाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बिजली आज हर परिवार की बुनियादी जरूरत बन चुकी है। ऐसे में दिव्यांगजनों को बिजली के बिल में विशेष राहत मिलने से उनके ऊपर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम हो सकता है।
प्रदर्शन के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा पुलिस से जुड़े एक मामले को लेकर हुई। दिव्यांगजनों के प्रतिनिधिमंडल ने महुआडीह थानाध्यक्ष पर दिव्यांग अजीत कुमार शाही के साथ कथित रूप से मारपीट करने और उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने का गंभीर आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के सामने यह मामला उठाते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि अगर पुलिसकर्मियों की ओर से किसी दिव्यांग व्यक्ति के साथ गलत व्यवहार किया गया है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान दिव्यांगजनों ने कहा कि उन्हें अक्सर समाज में कमजोर और असहाय समझ लिया जाता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उनकी शिकायतों और अधिकारों को नजरअंदाज किया जाए। उनका कहना था कि अगर किसी दिव्यांग व्यक्ति के साथ पुलिस या प्रशासन के स्तर पर अन्याय होता है तो उसकी शिकायत को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अजीत कुमार शाही से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उन्हें न्याय दिलाया जाए।
दिव्यांगजनों ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखते हुए यह भी साफ कर दिया कि अगर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान दिव्यांगजनों ने जिलाधिकारी से उम्मीद जताई कि उनकी 13 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। साथ ही संबंधित विभागों को जरूरी निर्देश जारी कर समस्याओं का समाधान कराने की कोशिश होगी। खास तौर पर अजीत कुमार शाही से जुड़े मामले में प्रतिनिधिमंडल ने निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
Location : Deoria
Published : 10 August 2026, 1:38 PM IST