फतेहपुर में ट्रांसपोर्ट कारोबार की आड़ में धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़

फतेहपुर में पुलिस ने फर्जी नंबर प्लेट और दस्तावेजों के जरिए माल की हेराफेरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। तीन आरोपी गिरफ्तार, कई चौंकाने वाले खुलासे।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 16 April 2026, 6:26 PM IST
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Fatehpur: फतेहपुर में ट्रांसपोर्ट कारोबार की आड़ में धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का आज भंडाफोड़ किया गया। यह गिरोह आर्थिक तंगी से जूझ रहे ट्रकों को निशाना बनाकर फर्जी कागजात और नंबर प्लेट के जरिए माल की हेराफेरी करता था। लंबे समय से सक्रिय इस गैंग ने कई लोगों को चूना लगाया, लेकिन आखिरकार पुलिस की सख्ती के आगे इसकी चालाकी बेनकाब हो गई।

आर्थिक संकट में फंसे ट्रकों को बनाते थे शिकार

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह सबसे पहले ऐसे ट्रकों की पहचान करता था, जो आर्थिक संकट में फंसे होते थे। इसके बाद गिरोह के सदस्य योजनाबद्ध तरीके से ट्रक मालिकों को अपने जाल में फंसाते और बीमा क्लेम हासिल करने के लिए ट्रकों की झूठी चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराते थे। इस पूरी साजिश में फर्जी दस्तावेजों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता था।

फर्जी नंबर प्लेट से माल की हेराफेरी

गिरोह के सदस्य ट्रकों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर विभिन्न प्रकार के माल की ढुलाई करते थे। लेकिन माल को उसके असली गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय, ये उसे बीच रास्ते में ही कम कीमत पर बेच देते थे। अपनी पहचान छिपाने के लिए आरोपी वाहनों के नंबर और चेसिस तक में बदलाव कर देते थे, जिससे पुलिस के लिए उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था।

फर्जी पहचान पत्रों का भी इस्तेमाल

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर अपनी असली पहचान छिपाते थे। इससे वे आसानी से अलग-अलग जगहों पर ठगी को अंजाम देते और पकड़ से बचने की कोशिश करते थे। यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था।

तीन आरोपी गिरफ्तार, मुख्य सरगना भी शामिल

पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसमें राजेंद्र कुमार, इंद्रदेव कुमार उपाध्याय गणेश कुमार और रामानुज कुमार शामिल हैं। इनमें से राजेंद्र कुमार का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उस पर पहले से चोरी और धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। बाकी दोनों आरोपी इसी मामले में सक्रिय रूप से शामिल पाए गए।

पुलिस टीम की अहम भूमिका

इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में उपनिरीक्षक रवि सिंह और नीरज मौर्य की अहम भूमिका रही। उनके साथ कांस्टेबल बिरजू यादव, अखंड प्रताप सिंह, अरविंद सिंह और अजीत सिंह की टीम ने मिलकर इस गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की।

पुलिस का सख्त संदेश

पुलिस ने साफ कहा है कि ऐसे संगठित अपराध करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही ट्रांसपोर्टरों और आम लोगों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें, जिससे ऐसे गिरोहों पर समय रहते शिकंजा कसा जा सके।

Location :  Fatehpur

Published :  16 April 2026, 6:26 PM IST

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