नई गाड़ी, परिवार साथ और घर वापसी की खुशी… रास्ते में हुआ ऐसा हादसा कि छा गया मातम

लोहाघाट हादसे में नया खुलासा: दो क्रैश बैरियर्स के बीच का गैप बना नई कार का काल। दो भाइयों की मौत से बेखबर घायल पत्नी नीतू बार-बार पूछ रही पति का हाल। प्रशासन के रेस्क्यू के बाद हाईवे की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 20 June 2026, 10:38 AM IST
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Lohaghat: उत्तराखंड के लोहाघाट में मरोड़ा खान और बंतोली के बीच हुए भीषण कार हादसे में अब एक ऐसा चौंकाने वाला प्रशासनिक मामला सामने आया है, जो सीधे तौर पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी और सुरक्षा इंतजामों को कटघरे में खड़ा करता है। इस दिल दहला देने वाले हादसे में काठगोदाम से पिथौरागढ़ जा रही एक नई कार गहरी खाई में जा गिरी, जिससे सीआरपीएफ (CRPF) जवान बलदेव कुमार और उनके सगे भाई राजेंद्र कुमार की मौके पर ही मौत हो गई।

शुरुआती तफ्तीश और ग्राउंड जीरो से मिली अपडेट के मुताबिक, यह हादसा सिर्फ एक सामान्य अनियंत्रित वाहन दुर्घटना नहीं था, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने दो क्रैश बैरियरों के बीच छूटा वह 'जानलेवा गैप' था, जो इस हंसते-खेलते परिवार के लिए काल बन गया।

हादसे का असली विलेन

हादसे के बाद प्रशासनिक टीम और एसडीआरएफ (SDRF) द्वारा किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जो तकनीकी चूक सामने आई है, वह बेहद हैरान करने वाली है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर मोड़ के पास सुरक्षा के लिहाज से क्रैश बैरियर तो लगाए गए थे, लेकिन दोनों बैरियरों के बीच एक बड़ा गैप (दूरी) छूटा हुआ था।

दुर्भाग्य से अनियंत्रित हुई नई कार ठीक उसी खाली जगह से नीचे गहरी खाई में समा गई। अगर वहां बैरियर आपस में जुड़े होते, तो शायद कार उनसे टकराकर रुक जाती और दो सगे भाइयों की जान बच सकती थी। अब एडीएम केएन गोस्वामी और एसडीएम नीतू डांगर की अगुवाई में टीम इस बात की जांच कर रही है कि इस जानलेवा लापरवाही का जिम्मेदार कौन है।

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अस्पताल में चीखती नीतू और वो सबसे दर्दनाक झूठ

इस खौफनाक हादसे का सबसे मार्मिक और भावुक पहलू अस्पताल के भीतर देखने को मिल रहा है। बलदेव कुमार की घायल पत्नी नीतू उप जिला चिकित्सालय के स्ट्रेचर पर गंभीर हालत में लेटी हैं। वह शारीरिक दर्द से ज्यादा मानसिक रूप से तड़प रही हैं और बार-बार रोते हुए अपने पति बलदेव और जेठ राजेंद्र के बारे में पूछ रही हैं।

डॉक्टरों और वहां मौजूद लोगों ने बेहद भारी मन से उनसे यह खौफनाक सच छुपा कर रखा है कि दोनों अब इस दुनिया में नहीं हैं। नीतू को दिलासा देने के लिए लोगों ने उनके घायल बच्चे अक्षिता और आरव का चेहरा दिखाया, जिन्हें सिर और पैर में चोटें आई हैं। बच्चों को सुरक्षित देख नीतू कुछ पल के लिए शांत तो हुईं, लेकिन उनकी सिसकियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

सिर्फ 16 दिन पहले खरीदी थी कार, मातम में बदली खुशियां

नीतू ने रोते हुए बताया कि वे सभी सुबह सात बजे काठगोदाम स्थित सीआरपीएफ आवास से बेहद खुश होकर कनालीछीना (पिथौरागढ़) के लिए निकले थे। अभी पिछले महीने ही हल्द्वानी से उन्होंने यह नई कार खरीदी थी। पूरे रास्ते कार के भीतर हंसी-मजाक का माहौल था और बच्चे नए सफर को लेकर बेहद उत्साहित थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

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हादसे की खबर मिलते ही नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों की भीड़ अस्पताल में घायलों की मदद के लिए उमड़ पड़ी। फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हाईवे के इस खतरनाक ब्लैक स्पॉट को अस्थायी रूप से बंद करने की कवायद शुरू कर दी गई है।

Location :  Lohaghat

Published :  20 June 2026, 10:38 AM IST

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