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जंगलचट्टी के पास श्रद्धालुओं के साथ हिंसक झड़प (Img- Dynamite News)
Rudraprayag: विश्वप्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम की पवित्र यात्रा पर आए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सम्मान पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पैदल मार्ग के जंगलचट्टी क्षेत्र में मुंबई से बाबा केदार के दर्शन करने आए तीर्थयात्रियों के साथ कुछ खच्चर चालकों ने तीखी बहस के बाद जमकर लाठी-डंडे बरसाए।
मारपीट की इस अचानक हुई घटना से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मारपीट का खौफनाक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पीड़ित श्रद्धालु चोटें दिखाते और पास के मेडिकल रिलीफ प्वाइंट (MRP) में पट्टी करवाते नजर आ रहे हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक, 1 अक्टूबर को महाराष्ट्र के मुंबई से आए मानजी वाधजी वाविया और उनके साथी भानजी दामजी पटेल जंगलचट्टी पैदल मार्ग से केदारनाथ धाम की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान संकरे रास्ते पर खच्चरों के संचालन और उनके निकलने की जगह को लेकर तीन स्थानीय खच्चर चालकों से उनकी कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि खच्चर चालकों ने शालीनता की सारी हदें पार करते हुए अपने पास मौजूद लाठियों से श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया और उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया।
घटना के तुरंत बाद पीड़ित श्रद्धालुओं ने कोतवाली सोनप्रयाग पहुँचकर आपबीती सुनाई और लिखित तहरीर दी। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत विधिक कार्रवाई शुरू कर दी। सोनप्रयाग कोतवाली में तीनों अज्ञात खच्चर चालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस टीमें वायरल वीडियो और स्थानीय सुरागों के आधार पर आरोपी खच्चर चालकों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने में जुटी हैं।
मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए रुद्रप्रयाग पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर आने वाले हर श्रद्धालु की सुरक्षा, सम्मान और सुगम यात्रा सुनिश्चित करना उनकी पहली प्राथमिकता है। यात्रा मार्ग पर घोड़ा-खच्चर का संचालन करने वाले सभी लोगों को श्रद्धालुओं के साथ विनम्र और मर्यादित व्यवहार करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि यात्रा की व्यवस्था में खलल डालने या श्रद्धालुओं के साथ मारपीट और अभद्रता करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी।
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इस घटना ने केदारनाथ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था और घोड़ा-खच्चर संचालकों के व्यवहार को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। हर साल लाखों की संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुँचते हैं।
ऐसे में इस तरह की हिंसक घटनाएं न केवल यात्रा के माहौल को खराब करती हैं, बल्कि श्रद्धालुओं के मन में खौफ भी पैदा करती हैं। स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि मार्ग पर गश्त बढ़ाई जाए ताकि ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लग सके।
Location : Rudraprayag
Published : 3 October 2026, 10:26 AM IST