हरिद्वार नगर निगम में प्रचंड हंगामा, पुराने प्रस्तावों पर भड़के कांग्रेस पार्षद, जला दीं बोर्ड की प्रतियां

हरिद्वार नगर निगम की बोर्ड बैठक में पुराने प्रस्तावों पर कार्रवाई न होने से भड़के कांग्रेस पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। पार्षदों ने प्रस्तावों की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया और निगम प्रशासन से जवाबदेही और स्पष्टीकरण की मांग की।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 28 September 2026, 1:43 PM IST
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Haridwar: हरिद्वार नगर निगम की सोमवार को आयोजित बोर्ड बैठक किसी आम प्रशासनिक बैठक की तरह शुरू नहीं हुई, बल्कि शुरुआत से ही इसके तेवर काफी उग्र रहे। बैठक में शामिल होने पहुंचे कांग्रेस पार्षदों ने पिछली बैठकों में पास हुए पुराने प्रस्तावों की ढीली रफ्तार पर कड़ा ऐतराज जताया।

पार्षदों का आरोप था कि जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है और शहर के विकास कार्यों पर अमल करने के बजाय कागजी औपचारिकताओं में मामला उलझाया जा रहा है।

पुराने प्रस्तावों की प्रतियां जलाकर जताई नाराजगी

हंगामे का स्तर तब और बढ़ गया जब विरोध कर रहे कांग्रेस पार्षद सदन के भीतर ही पुराने प्रस्तावों के दस्तावेजों की प्रतियां लेकर पहुंचे। निगम प्रशासन की ढुलमुल कार्यशैली के खिलाफ अपना आक्रोश जताते हुए पार्षदों ने इन प्रस्तावों की प्रतियों को मौके पर ही आग के हवाले कर दिया।

आगजनी और जोरदार नारेबाजी के कारण पूरा बोर्ड बैठक परिसर गूंज उठा। पार्षदों ने आरोप लगाया कि पिछली कार्यवाहियों में पास किए गए निर्णयों पर कितनी प्रगति हुई, इसका कोई आधिकारिक रिपोर्ट कार्ड बोर्ड के समक्ष पेश नहीं किया जा रहा है।

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'कार्रवाई रिपोर्ट सार्वजनिक करो' - निगम प्रशासन से सीधा सवाल

प्रदर्शनकारी पार्षदों ने सीधे तौर पर नगर निगम अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने मांग रखी कि पिछले महीनों में पास हुए हर एक प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति क्या है, उस पर क्या कार्रवाई हुई और बजट का कितना इस्तेमाल हुआ, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक रूप से पटल पर रखी जानी चाहिए।

इस मुद्दे को लेकर पार्षदों और निगम के अधिकारियों के बीच लंबी तीखी बहस हुई, जिससे काफी देर तक बोर्ड बैठक की मुख्य कार्यसूची पर कोई चर्चा नहीं हो सकी।

प्रशासनिक अपील के बाद भी जारी रहा गतिरोध

माहौल की संवेदनशीलता को देखते हुए बैठक में मौजूद वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और निगम अधिकारियों ने पार्षदों से शांत होने और अपनी आपत्तियों को शांतिपूर्ण ढंग से पटल पर रखने की अपील की। हालांकि, कांग्रेस पार्षद पुराने फैसलों का लिखित और स्पष्ट हिसाब मांगने पर अड़े रहे।

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इस पूरे गतिरोध ने यह साफ कर दिया है कि नगर निगम में पारदर्शी कार्यप्रणाली और पुरानी योजनाओं पर अमल को लेकर आने वाले दिनों में प्रशासनिक खींचतान और बढ़ सकती है।

Location :  Haridwar

Published :  28 September 2026, 1:43 PM IST

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