हिंदी
नैनीताल में स्थित हिमालय दर्शन प्वाइंट इन दिनों सैलानियों की पहली पसंद बन गया है। साफ मौसम के कारण नंदा देवी, त्रिशूल और नीलकंठ जैसी ऊंची चोटियां बेहद स्पष्ट दिखाई दे रही हैं। दूरबीन के जरिए करीब से दिखाने वाले स्थानीय गाइड्स की व्यस्तता बढ़ गई है।
सैलानी कर रहे हिमालय की बर्फीली चोटियों के दर्शन
Nainital: पहाड़ी पर्यटन की खूबसूरती जब भी याद की जाती है तो नैनीताल का नाम सबसे पहले ज़ेहन में आता है। उत्तराखंड का नैनीताल अपने प्राकृतिक सौंदर्य को लेकर देश-विदेश में प्रचलित है। जिले के कई स्थानों से हिमालय की खूबसूरत चोटियां दिखाई देती हैं। चांदी जैसे चमकती हिमालय की चोटियां मानों आपके हाथ बढ़ाने भर की दूरी पर नजर आती हैं।
शहर से कुछ दूरी पर बना हिमालय दर्शन प्वाइंट इन दिनों पर्यटकों के लिए किसी खास तोहफे से कम नहीं है। यहां से दिखाई देने वाली हिमालय की ऊंची-ऊंची चोटियां लोगों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। बर्फ से चमकती नंदा देवी, त्रिशूल, नीलकंठ और आसपास की कई चोटियां इतनी साफ दिख रही हैं कि हर आने वाला पर्यटक यहां का नजारा देखकर प्रफुल्लित हो जाता है।
बता दें कि अक्टूबर से लेकर मार्च तक का समय इस जगह पर घूमने के लिए सबसे बेहतर माना जाता है। हाल ही में हुई बारिश के बाद आसमान पूरी तरह साफ है, जिससे बर्फीले पहाड़ दूर से भी बिल्कुल नजदीक दिखाई दे रहे हैं। इसी वजह से सुबह से शाम तक यहां पर्यटकों की अच्छी-खासी भीड़ लगी रहती है। मौसम साफ होने के बाद सैलानियों की आवक बढ़ती जाती है।
जानिए कौन हैं Narges Mohammadi जिन्हें ईरान ने सुनाई 7 साल की अतिरिक्त सजा
सुबह-शाम यहां जाकर आप मात्रा आधे घंटे में जिला मुख्यालय वापस आ सकते हैं। यहां जाना हो तो सुबह जल्दी निकलें. यह अद्वितीय अनुभव आपको हिमालय की सुंदरता और शांति का एहसास कराएगा. यह स्थान आपकी यात्रा को यादगार बना देगा।
जानकारी के अनुसार यहां लगभग एक दर्जन स्थानीय गाइड मौजूद रहते हैं, जो अपनी दूरबीन के जरिए पर्यटकों को हिमालय का बेहद करीब से दृश्य दिखाते हैं। उनकी मानें तो इन दिनों विजिबिलिटी इतनी साफ है कि पहाड़ों की हर छोटी-बड़ी धारियां भी साफ दिखाई दे रही हैं।
जानिए कौन हैं Narges Mohammadi जिन्हें ईरान ने सुनाई 7 साल की अतिरिक्त सजा
स्थानीय फोटोग्राफरों का कहना है कि नवंबर से फरवरी के बीच हिमालय की तस्वीरें सबसे ज्यादा सुंदर आती हैं। इसी मौसम में पर्यटक भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। इस छोटे से स्थान ने कई लोगों को रोज़गार भी दिया है।