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नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और एक्टिविस्ट नरगिस मोहम्मदी की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। जानकारी सामने आ रही है कि ईरान ने उन्हें सात साल की और जेल की सजा सुनाई है। पिछले 30 सालों से वह ईरानी महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठा रही हैं।
नोबेल शांति पुरस्कार विजेता को जेल की सजा
New Delhi: नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और जेल में बंद महिलाओं के अधिकारों की वकालत करने वाली नरगिस मोहम्मदी को ईरान ने 7 साल की अतिरिक्त सजा सुनाई है। मोहम्मदी के वकील नीली ने मोहम्मदी से बात करने के बाद सोशल मीडिया पर सजा की अवधि बढ़ाए जाने की पुष्टि की। हालांकि, ईरान ने अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मोहम्मदी के समर्थकों और वकीलों के अनुसार, महिलाओं के अधिकारों की वकालत करने वाली मोहम्मदी को सात साल से ज्यादा की जेल की सजा और दो साल के यात्रा प्रतिबंध की सज़ा सुनाई गई है।
जानकारी के अनुसार जेल में भूख हड़ताल शुरू करने की वजह से उन्हें अतिरिक्त सजा सुनाई गई है। एक्टिविस्ट नरगिस मोहम्मदी लगातार ईरानी महिलाओं के पक्ष में आवाज बुलंद करती है जिसकी वजह से नरगिस मोहम्मदी को लगातार परेशान किया जा रहा है।
नर्गिस मोहम्मदी का जन्म 21 अप्रैल 1972 को ईरान के ज़ंजन शहर में हुआ था। वह ईरानी मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं। वह मानवाधिकार रक्षक केंद्र (डीएचआरसी) की उपाध्यक्ष हैं, जिसका नेतृत्व उनकी साथी नोबेल शांति पुरस्कार विजेता शिरीन अबादी करती हैं। मोहम्मदी ईरान में हिजाब के खिलाफ बड़े पैमाने पर नारीवादी आंदोलन की मुखर समर्थक और 2023 के हिजाब और पवित्रता कार्यक्रम की मुखर आलोचक रही हैं।
नर्गिस मोहम्मदी को वर्ष 2023 का नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया था। उन्हें यह सम्मान ईरान में महिलाओं के दमन के खिलाफ लंबे समय से चल रहे उनके संघर्ष और मानवाधिकारों व स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के लिए दिया गया था।
नोबेल समिति ने उनके साहसिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नर्गिस मोहम्मदी को यह पुरस्कार ईरान में महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ उनके साहसी संघर्ष और मानवाधिकारों एवं स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के लिए दिया जा रहा है। समिति ने उनके योगदान को वैश्विक स्तर पर प्रेरणादायक बताया।
मई, 2016 में, उन्हें तेहरान में अवैध गुट लेगम की स्थापना और संचालन के लिए 16 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। उन्हें 2020 में रिहा किया गया था लेकिन 2021 में उन्हें वापस जेल भेज दिया गया। तब से वह जेल में ही बंद हैं। नरगिस मोहम्मदी को 13 बार गिरफ्तार किया जा चुका है। नरगिस मोहम्मदी को पांच बार अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है।
नर्गिस मोहम्मदी उन गिने-चुने लोगों में शामिल हैं जिन्हें जेल में रहते हुए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उनका यह सम्मान ईरान में ‘वुमन, लाइफ, फ्रीडम’ आंदोलन के लिए वैश्विक समर्थन के रूप में देखा जा रहा है और इसे ईरान की महिलाओं तथा मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की आवाज़ को दुनिया तक पहुंचाने वाला एक मजबूत प्रतीक माना जा रहा है।