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चार धाम यात्रा से पहले बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने बड़ा निर्णय लिया है। समिति ने बद्रीनाथ और केदारनाथ सहित अपने अधीन आने वाले कुल 47 मंदिरों में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।
चार धाम में गैर सनातनी व्यक्तियों के प्रवेश पर लगी रोक
New Delhi: आगामी चार धाम यात्रा से पहले बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने बड़ा निर्णय लिया है। समिति ने बद्रीनाथ और केदारनाथ सहित अपने अधीन आने वाले कुल 47 मंदिरों में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।
समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मंदिरों की धार्मिक परंपराओं और मर्यादा को बनाए रखने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। द्विवेदी ने बताया कि बीकेटीसी के तहत आने वाले 47 मंदिरों में गैर सनातनी प्रवेश नही कर सकेंगे।द्विवेदी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति, चाहे वह किसी भी पृष्ठभूमि से क्यों न हो, सनातन धर्म में अपनी आस्था व्यक्त करता है और इसके लिए शपथ पत्र देता है, तो उसे मंदिर में दर्शन की अनुमति दी जा सकती है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि सारा अली खान जैसी हस्ती भी केदारनाथ आती हैं, सनातन में अपनी आस्था जताती हैं और एफिडेविट देती हैं, तो उन्हें दर्शन से नहीं रोका जाएगा। चारधाम आने वाले विदेशी यात्री भी अगर एफिडेविट देते हैं कि उनकी सनातन में आस्था है तो उनको बी दर्शन से नही रोका जाएगा। समिति के अनुसार, यह शपथ पत्र मंदिर परिसर में ही उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि श्रद्धालु मौके पर ही अपनी आस्था का प्रमाण दे सके।
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BKTC के अनुसार, यह प्रतिबंध केवल बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समिति के अंतर्गत आने वाले सभी 47 मंदिरों पर लागू होगा। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए व्यवस्थाओं को भी सख्त किया जा रहा है।
चारधाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड में तैयारियां जोरों पर हैं। प्रशासन और मंदिर समिति दोनों ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और धार्मिक अनुशासन बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं।
इस निर्णय के बाद सामाजिक और धार्मिक स्तर पर बहस तेज हो सकती है। जहां एक ओर इसे परंपराओं की रक्षा का कदम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे लेकर विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं।