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गुरुवार 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो गयी है लेकिन इस चैत्र नवरात्रि में श्रद्धालुओं को गिरिजा देवी के दर्शन नहीं होंगे। रामनगर स्थित गिरिजा देवी का मंदिर चैत्र नवरात्रि में किसी वजह से बंद किया गया है। मुख्य मंदिर तक श्रद्धालुओं की आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई है।
चैत्र नवरात्रि में श्रद्धालुओं को नहीं होंगे गिरिजा देवी के दर्शन
Nainital: गुरुवार 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो गयी है, जो 27 मार्च तक चलेगी। इस पावन अवसर पर जहां देशभर में मां दुर्गा की आराधना का सिलसिला शुरू हो गया है, वहीं रामनगर स्थित प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर में इस बार श्रद्धालु माता के दर्शन नहीं कर पाएंगे। मंदिर में चल रहे जीर्णोद्धार और सुरक्षा कार्य के चलते इसे अप्रैल तक श्रद्धालुओं के लिए बंद रखा गया है।
मंदिर के पुजारी जितेंद्र पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि मां गिरिजा देवी के टीले पर इस समय सुदृढ़ीकरण का कार्य चल रहा है। ऐसे में मुख्य मंदिर तक श्रद्धालुओं की आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई है।
हालांकि उन्होंने बताया कि श्रद्धालु मंदिर परिसर के दूसरे छोर पर स्थित प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर में मां गिरिजा देवी की चरण पादुका के दर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल के बाद ही टीले पर स्थित मुख्य मंदिर में विधिवत दर्शन शुरू हो सकेंगे।
वहीं सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अजय कुमार जॉन ने बताया कि गर्जिया मंदिर के सुरक्षा कार्य की शुरुआत पहले करीब 5 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से की गई थी। इसके तहत टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू किया गया, लेकिन बाद में रुड़की से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा साइट का सर्वे और मॉडल स्टडी किए जाने के बाद कई तकनीकी बदलाव सामने आए।
उन्होंने बताया कि इसके बाद आईआईटी रुड़की से कंसल्टेंट के माध्यम से विस्तृत मॉडल स्टडी कराई गई, जिसके बाद परियोजना की लागत बढ़कर 11 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। इस संशोधित प्रस्ताव को प्रशासन से मंजूरी मिल चुकी है और उसी के अनुसार कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।
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अजय कुमार जॉन ने बताया कि मंदिर का क्षेत्र बेहद संवेदनशील है। एक ओर नदी बहती है और दूसरी ओर टीले की संरचना काफी कमजोर हो चुकी है। कार्य के दौरान नदी के भीतर करीब 5 मीटर गहराई तक खुदाई करनी पड़ रही है, जहां लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। यही कारण है कि कार्य को बेहद सावधानी के साथ किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि शुरुआती चरण में फरवरी में भी कुछ दिनों के लिए मंदिर को बंद किया गया था, ताकि कार्य को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। फिलहाल 10 मार्च से 30 अप्रैल तक मंदिर को पूरी तरह बंद रखा गया है। इस दौरान टीले के नीचे दोनों ओर से दीवारों को जोड़ने, सुरक्षा दीवार बनाने और ऊपर तक सुरक्षित पहुंच के लिए जरूरी निर्माण कार्य किए जा रहे हैं।
विभाग का लक्ष्य था कि कार्य जून तक पूरा कर लिया जाए, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए समय विस्तार देना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले कार्य को सुरक्षित स्तर तक पहुंचाने के लिए ठेकेदार और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
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गौरतलब है कि वर्ष 2010 की बाढ़ के बाद गर्जिया मंदिर के टीले में दरारें आनी शुरू हो गई थीं, जो समय के साथ बढ़ती गईं। इससे मंदिर की संरचना को खतरा पैदा हो गया था। इसके बाद सिंचाई विभाग द्वारा लगातार मरम्मत के प्रस्ताव भेजे गए और मई 2024 में पहले चरण का कार्य पूरा किया गया।
फिलहाल दूसरे चरण का कार्य तेजी से जारी है और अधिकारी लगातार इसकी निगरानी कर रहे हैं।