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एचएबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में बतौर मुख्य अतिथि देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सेना का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने परमाणु शक्ति संपन्न पड़ोसी देशों को भारत की प्रमुख चुनौतियाँ बताते हुए सुदृढ़ सरकार, मजबूत सेना और रणनीतिक तैयारी की आवश्यकता पर बल दिया।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान
Srinagar Garhwal: देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सेना का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। इसकी शुरुआत विद्यालयों और विश्वविद्यालयों से होनी चाहिए। शनिवार को हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर स्थित स्वामी मनमथन प्रेक्षागृह में ‘सामरिक सोच एवं राष्ट्रीय सुरक्षा' विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे जनरल चौहान ने आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय सुरक्षा का केंद्रीय तत्व बताते हुए आंतरिक एवं बाहरी खतरों, 1971 के उदाहरण, बदलती युद्ध अवधारणाओं तथा तकनीक-प्रधान संघर्षों का उल्लेख किया। उन्होंने परमाणु शक्ति संपन्न पड़ोसी देशों को भारत की प्रमुख चुनौतियाँ बताते हुए सुदृढ़ सरकार, मजबूत सेना और रणनीतिक तैयारी की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार के शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। उन्होंने जनरल चौहान का स्वागत किया और उन्हें उनके पैतृक गांव गवाणा आने का आमंत्रण भी दिया।
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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्र गीत वन्दे मातरम् के साथ हुआ। कुलपति ने अपने स्वागत वक्तव्य में मंचासीन अतिथियों एवं नगर के गणमान्य नागरिकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि वीर भूमि उत्तराखंड, आज मुख्य अतिथि जनरल अनिल चौहान के आगमन से गौरवान्वित है।
‘सामरिक सोच एवं राष्ट्रीय सुरक्षा' विषय पर आयोजित हुआ कार्यक्रम
जनरल चौहान द्वारा विश्वविद्यालय के पुस्तकालय को प्रदत्त शोधपरक महत्वपूर्ण पुस्तकों के लिए विशेष धन्यवाद देते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यार्थी इससे लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि सेना के साथ अग्निवीर प्रशिक्षण कार्यक्रमों हेतु एमओयू हुए हैं तथा विश्वविद्यालय “विकसित भारत 2047” के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के समापन सत्र में जनरल अनिल चौहान ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने उत्तराखंड की सामरिक महत्ता को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, सजग रहने और अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश दिया।
छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विद्यालयों और विश्वविद्यालयों की भूमिका विश्व स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण है और यहीं से भविष्य के नेता, वैज्ञानिक और सुरक्षा विशेषज्ञ तैयार होते हैं।
कार्यक्रम में 'रणभूमि दर्शन' पुस्तक का विमोचन
इस अवसर पर देवप्रयाग विधानसभा के विधायक विनोद कण्डारी, प्रो. महेन्द्र प्रताप सिंह बिष्ट, प्रो. मोहन पंवार, प्रो. मंजुला राणा, प्रो. एचबीएस चौहान, ब्रिगेडियर विनोद नेगी, कर्नल गौरव बत्रा, मुख्य नियंता प्रो दीपक कुमार, प्रो एनएस पंवार, अनीष उज जमान, प्रो. राकेश डोढ़ी, चौरास परिसर के निदेशक प्रो. राजेन्द्र सिंह नेगी, जन संपर्क अधिकारी आशुतोष बहुगुणा, सहित शिक्षक, शोधार्थी, छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रक्षा प्रमुख जनरल अनिल चौहान ने विश्वविद्यालय पुस्तकालय को 227 महत्वपूर्ण पुस्तकें दान स्वरूप प्रदान कीं। ये पुस्तकें विभिन्न सामरिक, ऐतिहासिक एवं शोधपरक विषयों से संबंधित हैं, जिससे विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को अकादमिक रूप से विशेष लाभ प्राप्त होगा।