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मोगा हमले के पीछे का पूरा सिंडिकेट (Img- X)
Moga: 8 जुलाई को पंजाब के मोगा जिले के सदर थाने पर हुआ ग्रेनेड हमला सिर्फ एक स्थानीय वारदात नहीं थी, बल्कि यह भारत को दहलाने की एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय आतंकी साजिश का शुरुआती हिस्सा था। पंजाब पुलिस के इस मामले की तह में जाने के बाद जो सच्चाई सामने आई है, उसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इन आतंकियों का असली मकसद जम्मू-तवी एक्सप्रेस ट्रेन को आईईडी (IED) धमाके से उड़ाना था, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।
फरीदकोट रेंज की आईजी नीलांबरी जगदले विजय के मुताबिक, इस साजिश के तार सीधे सीमा पार पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार और विस्फोटक सामग्री पाकिस्तान से डीएलबी (DLB) नेटवर्क के जरिए अमृतसर रूरल और जलालाबाद बॉर्डर के रास्ते भारत पहुंचाए गए थे। पुलिस ने अब तक इस नेटवर्क से जुड़े 17 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से भारी मात्रा में आईईडी, विस्फोटक, डेटोनेटर और 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल बरामद की है।
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इस साजिश का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि कैसे आम लोगों को आतंकी नेटवर्क में फंसाया गया। गिरफ्तार मुख्य आरोपियों में लाजर उर्फ अमन हलवाई का काम करता है, जबकि गगन उर्फ काली, राजेश और शुभम मजदूरी करते थे। विदेश में बैठे आका इकबाल उर्फ रबी धालीवाल ने इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए इन्हें पैसों का लालच दिया। गगन ने थाने पर ग्रेनेड फेंका, दूसरे ने वीडियो बनाया और तीसरा बाइक लेकर भागने के लिए तैयार खड़ा था।
पंजाब पुलिस की 10 टीमों और खुफिया एजेंसियों ने मिलकर पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) की सख्त धाराएं 16, 17, 18, 20, 38 और 40 के साथ-साथ बीएनएस और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट लागू कर दिए हैं। इसके अलावा पाकिस्तान से सोशल मीडिया पर 'KLA' के नाम से हमले की जिम्मेदारी लेने वाले शहजाद भट्टी के दावों की भी गहनता से जांच की जा रही है।
Location : Moga
Published : 22 July 2026, 12:39 PM IST