बैसाखी पर हरिद्वार में उमड़ा जनसैलाब, घाटों पर दिखा भक्ति का अद्भुत नजारा

बैसाखी पर्व पर हरिद्वार में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हर की पैड़ी समेत गंगा घाटों पर लाखों लोग स्नान कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और पूरा माहौल भक्ति में डूबा हुआ है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 13 April 2026, 9:47 AM IST
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Haridwar: बैसाखी पर्व के अवसर पर हरिद्वार में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। पवित्र गंगा नदी के तट पर स्थित हर की पौड़ी समेत विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे लाखों श्रद्धालु मां गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित कर रहे हैं।

गूंजे भक्ति के जयघोष

सुबह से ही घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगा” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु विधि-विधान से स्नान कर भगवान की पूजा-अर्चना कर रहे हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। हर तरफ श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिल रहा है।

धार्मिक और कृषि से जुड़ा महत्व

बैसाखी का पर्व केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि कृषि से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। इस समय गेहूं की फसल पककर तैयार हो जाती है और कटाई का कार्य शुरू होता है। इसके साथ ही इस दिन खालसा पंथ की स्थापना भी हुई थी, जिससे यह पर्व विशेष रूप से हिंदू और पंजाबी समुदाय में उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूरे मेला क्षेत्र को 10 जोन और 33 सेक्टरों में विभाजित कर पुलिस बल तैनात किया गया है। घाटों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और यातायात व्यवस्था को भी सुचारू बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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गंगा स्नान का धार्मिक महत्व

धर्माचार्य पंडित मनोज तिपाठी के अनुसार बैसाख मास का पूरा समय अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक किसी भी तीर्थ स्थल पर स्नान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। उनका कहना है कि गंगा स्नान से व्यक्ति के पापों का क्षय होता है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं।

घर बैठे भी पा सकते हैं पुण्य

पंडित मनोज तिपाठी ने यह भी बताया कि जो लोग किसी कारणवश गंगा तट तक नहीं पहुंच सकते, वे घर पर ही जल में गंगा का ध्यान कर उसमें तुलसी पत्र डालकर स्नान कर सकते हैं। ऐसा करने से उन्हें ब्रह्मकुंड में स्नान के समान पुण्य प्राप्त होता है। स्नान के बाद दान करने से पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है।

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श्रद्धालुओं की अटूट आस्था

हरिद्वार पहुंचे श्रद्धालुओं का मानना है कि बैसाखी पर गंगा स्नान करने से विशेष फल प्राप्त होता है। उनका विश्वास है कि मां गंगा में स्नान करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि हर साल इस पर्व पर लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

Location :  Haridwar

Published :  13 April 2026, 9:47 AM IST

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