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रामनगर में बिगड़ती यातायात व्यवस्था और अवैध अतिक्रमण को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। एसडीएम गोपाल सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि शनिवार से शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। ट्रक, बस और टैक्सी केवल निर्धारित स्थानों पर ही खड़े होंगे।
एसडीएम की बैठक में बड़ा फैसला
Ramnagar: उत्तराखंड के रामनगर शहर में बिगड़ती यातायात व्यवस्था और बढ़ते अवैध अतिक्रमण ने लोगों की परेशानी को चरम पर पहुंचा दिया है। मुख्य सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहन, सड़क किनारे फैले ठेले-फड़ और लगातार लगने वाले भीषण जाम ने शहर की रफ्तार को लगभग थाम दिया है। अब प्रशासन ने इस समस्या पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। शुक्रवार को एसडीएम गोपाल सिंह चौहान की अगुवाई में नगर पालिका सभागार में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें साफ कर दिया गया कि अब नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी और शनिवार से शहर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया जाएगा।
रामनगर में लगातार बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था और सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को एक साथ बैठाकर समाधान निकालने की पहल की। शुक्रवार को नगर पालिका सभागार में आयोजित इस बैठक में पुलिस, यातायात विभाग, परिवहन विभाग, नगर पालिका, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग और विद्युत विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न वाहन यूनियनों के पदाधिकारी और फड़-ठेला कारोबार से जुड़े लोग भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे एसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने साफ कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अब ठोस और सख्त कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो आने वाले पर्यटन सीजन में हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं।
रामनगर पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण शहर माना जाता है, क्योंकि यहां से बड़ी संख्या में पर्यटक आसपास के पर्यटन स्थलों की ओर जाते हैं। ऐसे में हर साल पर्यटन सीजन के दौरान शहर में वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अभी से ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की योजना बनाई है। एसडीएम ने कहा कि शहर की मुख्य सड़क रानीखेत रोड पर वाहनों की अनियंत्रित पार्किंग सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है।
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बैठक में शहर में चलने वाले ई-रिक्शा और टेंपो वाहनों को लेकर भी चर्चा हुई। प्रशासन का मानना है कि इन वाहनों के अनियंत्रित संचालन की वजह से भी कई जगहों पर जाम की स्थिति बनती है। इसलिए तय किया गया कि जल्द ही ई-रिक्शा और टेंपो के लिए भी निश्चित रूट तय किए जाएंगे। इसके बाद इन्हें उन्हीं मार्गों पर चलने की अनुमति होगी।
मुख्य बाजार में भी चलेगा अभियान
एसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने बैठक में साफ शब्दों में कहा कि शहर की मुख्य सड़कों और बाजारों में किसी भी तरह का अवैध अतिक्रमण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नगर पालिका द्वारा निर्धारित वेंडिंग जोन में ही फड़ और खोखे लगाने की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा शहर में कुछ और स्थानों को वेंडिंग जोन के रूप में चिन्हित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी, ताकि छोटे व्यापारियों को भी व्यवस्थित जगह मिल सके।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर चेतावनी के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई लगातार सख्त होती जाएगी। एसडीएम ने बताया कि पहले चरण में नियम तोड़ने वालों के चालान किए जाएंगे और जुर्माना लगाया जाएगा। अगर इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरी तो दूसरे चरण में भारी जुर्माने के साथ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी। एसडीएम ने कहा कि शनिवार से नगर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू किया जाएगा और इसके लिए टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंचेगी। जहां भी अवैध निर्माण या कब्जा मिलेगा, उसे तुरंत हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के अंत में एसडीएम ने कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई ही काफी नहीं होगी। इसके लिए आम जनता और व्यापारियों का सहयोग भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नियमों का पालन करें, अपने वाहन निर्धारित स्थानों पर ही खड़े करें और सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण न करें।