उत्तराखंड में बड़ा बदलाव: घर की कीमतें बढ़ीं, शराब हुई सस्ती, रोडवेज सफर हुआ अब आसान

उत्तराखंड सरकार ने खनन रॉयल्टी बढ़ाई, शराब पर वैट घटाया, डी श्रेणी ठेके बढ़ाए, मदरसों की शिक्षा व्यवस्था बदली और रोडवेज में 259 नई बसें जोड़ने का निर्णय लिया। नागरिकों और व्यवसायों के लिए बड़े बदलाव जल्द लागू होंगे।

Updated : 1 May 2026, 10:41 AM IST
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Dehradun: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उत्तराखंड कैबिनेट ने गुरुवार को सचिवालय में कई अहम निर्णय लिए। इन फैसलों से राज्य में आम आदमी के जीवन पर सीधा असर पड़ेगा। घर बनाना महंगा होगा, शराब की कीमतें कम होंगी और रोडवेज के यात्री सुविधाजनक सफर का लाभ उठाएंगे।

खनन सामग्री की रॉयल्टी बढ़ी, घर बनाना महंगा होगा

कैबिनेट ने औद्योगिक विकास विभाग के तहत उत्तराखंड उप खनिज परिहार नियमावली 2023 में संशोधन को मंजूरी दी। इसके तहत खनन सामग्री पर रॉयल्टी बढ़ाकर एक रुपये प्रति कुंतल कर दी गई है। अब रॉयल्टी दर सात रुपये से बढ़कर आठ रुपये प्रति कुंतल होगी। इससे रेत, बजरी और अन्य निर्माण सामग्री की कीमतों में इजाफा होने की संभावना है, जिससे घर बनाने की लागत बढ़ जाएगी।

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मदरसों में कक्षा आठ तक जिले से मंजूरी

उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम 2025 में संशोधन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। नई व्यवस्था के तहत कक्षा एक से आठ तक मदरसों की संबद्धता अब जिलास्तरीय शिक्षा समिति से होगी, जबकि कक्षा नौ से बारह तक की पढ़ाई के लिए विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से संबद्धता अनिवार्य होगी। राज्य में वर्तमान में 452 मदरसे हैं, जिनमें से 400 से अधिक में केवल कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई कराई जाती है। कैबिनेट ने अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम में अध्यादेश लाने की मंजूरी भी दी।

देहरादून के पार्षदों को बढ़ा भत्ता

देहरादून नगर निगम की बोर्ड बैठक में पार्षदों को प्रति माह 25 हजार रुपये भत्ता देने का प्रस्ताव पास हुआ। यह व्यवस्था एक जून से लागू होगी। नगर निगम में पार्षदों ने लंबे समय से मानदेय की मांग की थी। पहले प्रस्तावों को बोर्ड का समर्थन नहीं मिला था, लेकिन बुधवार को फिर प्रस्ताव रखा गया और पार्षदों के समर्थन के बाद इसे मंजूरी मिल गई।

शराब हुई सस्ती, वैट घटाया गया

धामी कैबिनेट ने शराब पर वैट (मूल्य वर्धित कर) घटाकर 12 प्रतिशत से छह प्रतिशत करने को मंजूरी दी। इससे शराब की कीमतों में कमी आएगी और पड़ोसी राज्यों की तुलना में मूल्य संतुलन बनेगा। साथ ही, इससे सीमा क्षेत्रों में शराब तस्करी को रोकने में मदद मिलेगी।

छोटे ठेकेदारों को अब डेढ़ करोड़ तक के ठेके

राज्य में डी श्रेणी के ठेकेदार अब 1 करोड़ के बजाय 1.5 करोड़ तक के ठेके के लिए पात्र होंगे। इससे छोटे ठेकेदारों को बड़े टेंडरों में भाग लेने का अवसर मिलेगा और क्षेत्रीय विकास की रफ्तार बढ़ेगी। उत्तराखंड में लगभग 15 हजार डी श्रेणी ठेकेदार पंजीकृत हैं, जिनमें लोक निर्माण विभाग में सबसे अधिक 7 हजार ठेकेदार शामिल हैं।

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अशासकीय महाविद्यालयों में शोध को बढ़ावा

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 21 अनुदानित अशासकीय महाविद्यालयों में ‘मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना’ लागू की जाएगी। योजना के तहत पूर्णकालिक प्राचार्यों की नियुक्ति अनिवार्य होगी, जिससे निजी सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में भी शोध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

कुंभ से पहले रोडवेज अपने बेड़े में 259 नई बसें जोड़ने जा रहा है। इनमें 200 मैदानी और 59 पहाड़ी रूट पर चलेंगी। वर्तमान में रोडवेज के पास 1,450 बसें हैं, जो नई बसों के शामिल होने के बाद 1,700 हो जाएंगी। नई बसों में नौ बसें पिछले वर्ष की बची हुई जीएसटी राशि से खरीदी जाएंगी। रोडवेज का उद्देश्य है कि दीवाली से पहले सभी नई बसें डिपो तक पहुंच जाएं।

Location :  Dehradun

Published :  1 May 2026, 10:41 AM IST

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