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राम मंदिर चंदा चोरी मामला (Img: AI Generated Image)
Ayodhya: अयोध्या में जमीनों की खरीद-फरोख्त और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी को लेकर सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह आज विशेष जांच समिति (SIT) के सामने पेश होंगे। वह अपने लगाए गए आरोपों से जुड़े दस्तावेज और सबूत जांच टीम को सौंपेंगे। संजय सिंह का कहना है कि उन्होंने अयोध्या में जमीन सौदों और चढ़ावे से जुड़े मामलों में जो सवाल उठाए हैं, उनके समर्थन में उनके पास जरूरी कागजात मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार को मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचकर वह SIT प्रमुख को दस्तावेज सौंपेंगे।
अयोध्या में जमीनों की खरीद-फरोख्त और मंदिर से जुड़े चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच समिति बनाई गई है। संजय सिंह का दावा है कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों से कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह चढ़ावे की कथित हेराफेरी और जमीन घोटाले से जुड़े दस्तावेज SIT को देंगे ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके। अब जांच टीम इन दस्तावेजों की जांच करेगी और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
इस मामले में एक पुरानी ऑडिट रिपोर्ट भी चर्चा में आ गई है। बताया जा रहा है कि ट्रस्ट के गठन के कुछ समय बाद ही एक निजी ऑडिट फर्म ने वित्तीय प्रबंधन, दान रिकॉर्ड और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई अहम सुझाव दिए थे। रिपोर्ट में दान प्रबंधन, आभूषणों के रिकॉर्ड, वित्तीय निगरानी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर सुधार की जरूरत बताई गई थी। अब SIT की प्रारंभिक जांच में भी वित्तीय व्यवस्था और चढ़ावे से जुड़े सवाल सामने आने के बाद यह पुरानी रिपोर्ट जांच के लिए अहम मानी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक ऑडिट फर्म ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि वित्तीय रिपोर्टिंग के लिए जरूरी रिकॉर्ड की कमी है। इसके अलावा प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करने के लिए स्पष्ट व्यवस्था और मजबूत प्रशासनिक ढांचे की जरूरत बताई गई थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि बिना मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP के वित्तीय और प्रशासनिक कामों में पारदर्शिता बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।
ऑडिट रिपोर्ट में सबसे ज्यादा चिंता दान और आभूषणों के रिकॉर्ड को लेकर जताई गई थी। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया था कि नकदी के अलावा मिलने वाले दान के लिए अलग से स्टॉक रजिस्टर और निगरानी व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए। इसके अलावा बैंक से जुड़े लेन-देन की निगरानी और वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत बताई गई थी।
ऑडिट रिपोर्ट में डिजिटल रिकॉर्ड और डेटा सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार संवेदनशील जानकारियों की सुरक्षा, डेटा एंट्री की निगरानी और डिजिटल रिकॉर्ड के सत्यापन के लिए पर्याप्त नियंत्रण व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत थी। अब SIT जांच में इन सभी पहलुओं को भी शामिल किया जा सकता है।
Location : Ayodhya
Published : 25 June 2026, 11:45 AM IST