चंदा चोरी पर नया बवाल, राम मंदिर ट्र्स्ट से जुड़े लोगों को अयोध्या न छोड़ने का निर्देश; SIT जांच रिपोर्ट पर जानें ये अपडेट

अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। SIT जांच के अंतिम चरण में है और कई बड़े नाम जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। करोड़ों रुपये की बरामदगी के बीच कुछ लोगों को अयोध्या छोड़ने से भी रोका गया है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 22 June 2026, 1:14 PM IST
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Ayodhya: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित चोरी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) अब अपनी रिपोर्ट सौंपने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, छह दिनों तक चली गहन जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों, पूछताछ और दस्तावेजों को सात पेन ड्राइव में सुरक्षित रखा गया है। जांच के दौरान करीब 150 संदिग्ध नाम सामने आए हैं, जिनमें से लगभग 25 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

अयोध्या न छोड़ने की चेतावनी

जिन लोगों से SIT ने पूछताछ की है, उन्हें अगले आदेश तक अयोध्या छोड़कर बाहर नहीं जाने की हिदायत दी गई है। जांच के दायरे में आए लोगों में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक एजेंसी ने उनके खिलाफ कार्रवाई की पुष्टि नहीं की है।

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पुराने रिकॉर्ड और जमीन खरीद तक पहुंची जांच

SIT ने सिर्फ दानपात्रों में जमा धनराशि की जांच ही नहीं की, बल्कि उस धन के उपयोग, कथित अनावश्यक खर्चों और जमीन खरीद से जुड़े मामलों की भी पड़ताल की है। जांच टीम ने पुराने रिकॉर्ड खंगाले और कई बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ की।

अब तक 2 करोड़ रुपये की बरामदगी

मामले में गिरफ्तार और पूछताछ के दायरे में आए पांच लोगों की निशानदेही पर अब तक करीब 2 करोड़ रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। इनमें लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू शामिल हैं। ये सभी मंदिर में दान राशि की गिनती से जुड़ी जिम्मेदारियों में शामिल थे।

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13 जून को ट्रस्ट कर्मचारी रामशंकर उर्फ टिन्नू के घर से सोना भी बरामद हुआ था। हालांकि बरामद सोने की मात्रा और उसकी कीमत को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। छठे दिन SIT ने मंदिर के कर्मचारियों से लंबी पूछताछ की और उसके बाद टीम लखनऊ लौट गई।

राजनीतिक बयानबाजी से बढ़ा मामला

इस पूरे विवाद को राजनीतिक रंग भी मिला है। समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रहे पवन पांडेय ने 7 जून को दावा किया था कि राम मंदिर से 5 से 7.5 करोड़ रुपये तक की चोरी हुई है। इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

दूसरी ओर, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि ऐसी किसी चोरी की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन विवाद बढ़ने के बाद भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर CBI जांच की मांग कर दी। इसके अगले ही दिन प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंदिर ट्रस्ट से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली थी।

Location :  Ayodhya

Published :  22 June 2026, 1:14 PM IST

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