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उत्तराखंड में वन्य जीवों के इंसानों पर हमले की घटनाएं चरम पर है। आये दिन जंगली जानवरों के इंसानों पर हमले की खबर सुनाई देती है। ताजा मामले में सीमांत पिथौरागढ़ जिले के नाचनी क्षेत्र में भालू ने एक महिला पर जानलेवा हमला कर दिया।
पिथौरागढ़ में भालू ने महिला पर किया हमला (फाइल फोटो)
Pithoragarh: उत्तराखंड में जंगली जीवों द्वारा लोगों पर हमले की खबरें अक्सर आती रही हैं। ताजी घटना सीमांत पिथौरागढ़ जिले की तेजम तहसील की है। यहां नाचनी क्षेत्र के घटमौला के जंगल में भालू ने एक महिला पर जानलेवा हमला कर दिया। बताया जाता है कि महिला घास के लिए जंगल गई हुई थी, तभी वहां छिपकर बैठे हुए भालू ने उस पर हमला बोल दिया।
भालू ने महिला को गंभीर रूप से घायल कर दिया। महिला को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। भालू के आतंक से कई गांवों में डर का माहौल है।
बताया जाता है कि मल्ला भैंसकोट (भौरियागाड़) निवासी मनीषा पत्नी प्रकाश कुमार जंगल गई थीं, तभी घात लगाए भालू ने उन पर हमला कर दिया। भालू ने महिला के चेहरे, गले और हाथों को बुरी तरह नोंचकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। गनीमत यह रही कि महिला चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों और प्रधान कमला देवी ने बड़ी मुश्किल से उन्हें बचा लिया।
परिजन घायल महिला को नाचनी वन चौकी ले गए, जहां से घटना की रिपोर्ट दर्ज कराकर महिला को इलाज के लिए पिथौरागढ़ जिला अस्पताल ले जाया गया है। वन विभाग ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।
पिछले वर्ष भी तेजम तहसील के ग्राम पंचायत बोरागांव के कांपा तोक में भालू के हमले में 42 वर्षीय महिला बसंती देवी की मौत हो गई थी। हमले के वक्त वह घर पर अकेली रहती थीं। बसंती देवी अपने घर के बाहर दैनिक कार्यों में व्यस्त थीं। अचानक जंगल की तरफ से आए भालू ने उन पर हमला कर दिया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इसी तरह पिछले साल पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र के जयकोट गांव में नरेंद्र सिंह नामक एक ग्रामीण पर तीन भालुओं ने हमला कर दिया था। नरेंद्र ने बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई थी।