अयोध्या, काशी से लेकर मथुरा-वृंदावन तक; यूपी की आध्यात्मिक विरासत पर CM योगी आदित्यनाथ का बड़ा ऐलान

रायबरेली के ऊंचाहार में आयोजित शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन की ध्वजा-पताका कभी झुकने नहीं पाएगी।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 13 September 2026, 4:13 PM IST
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Raebareli: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को रायबरेली के ऊंचाहार में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब तक भारत की धरती पर पावन कथाओं की परंपरा जीवित रहेगी, तब तक सनातन की ध्वजा-पताका कभी झुकने नहीं पाएगी। उन्होंने कहा कि सनातन की पताका ऊंची रहेगी तो भारत का कोई भी नुकसान नहीं कर पाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिव भक्ति भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता का आधार है। हिमालय से लेकर रामेश्वरम तक भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग देश की सांस्कृतिक एकता और अखंडता का संदेश देते हैं।

शंखनाद और डमरू की ध्वनि के बीच हुआ CM Yogi का स्वागत

श्री शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कथा स्थल पहुंचे। यहां वेदपाठी बटुकों ने शंखनाद और डमरू की मंगल ध्वनि के साथ उनका स्वागत किया। प्रदेश सरकार के खाद्य, रसद एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री और ऊंचाहार विधायक मनोज पांडेय ने मुख्यमंत्री को शॉल, श्रीफल और गंगाजल से भरा कलश भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने व्यासपीठ को नमन किया और कथा व्यास पंडित प्रदीप मिश्रा का अभिनंदन किया।

शिव भक्ति भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत के अलग-अलग हिस्सों में भले ही लोगों की वेशभूषा, खान-पान और रहन-सहन अलग हो, लेकिन भगवान शिव के प्रति श्रद्धा का भाव एक समान है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु से लेकर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गुजरात और पूर्वोत्तर भारत तक शिव भक्ति लोगों को जोड़ने का काम करती है। देश के चारों दिशाओं में मौजूद ज्योतिर्लिंग भारत की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हैं।

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भगवान शिव लोकमंगल के देवता

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भगवान शिव लोकमंगल के देवता हैं। उन्होंने समाज और सृष्टि के कल्याण के लिए विष को भी धारण किया। शिव नकारात्मक शक्तियों को समाप्त कर लोक कल्याण का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि पावन कथाएं समाज को सकारात्मक ऊर्जा देती हैं और राष्ट्र को मजबूती प्रदान करती हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से लोगों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है।

सनातन धर्म ने पूजा से आगे बढ़कर समाज को जोड़ा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के कर्तव्य, समाज की जीवन शक्ति और राष्ट्र की प्रेरणा का आधार रहा है। उन्होंने कहा कि इतिहास के कठिन दौर में भी व्यासपीठों से निकली आध्यात्मिक धारा ने भारतीय समाज की सांस्कृतिक एकता को बनाए रखा। धर्मस्थलों और आस्था पर हुए हमलों के बावजूद सनातन परंपरा निरंतर आगे बढ़ती रही।

तुलसीदास ने रामकथा के जरिए जगाई समाज की चेतना

मुख्यमंत्री योगी ने गोस्वामी तुलसीदास का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मध्यकाल में रामकथा के माध्यम से समाज को जोड़ने और उसकी चेतना को जागृत करने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि तुलसीदास ने अकबर के दरबार में नवरत्न बनने के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और स्पष्ट कहा कि उनके राजा केवल भगवान राम हैं। रामकथा और रामलीलाओं ने समाज में आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत किया।

अयोध्या, काशी और मथुरा भारत की आध्यात्मिक विरासत के केंद्र

मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि मर्यादा की बात होती है तो अयोध्या, चेतना की चर्चा होती है तो काशी, भक्ति की बात होती है तो मथुरा-वृंदावन और समरसता की बात होती है तो प्रयागराज की ओर देश देखता है। उन्होंने नैमिषारण्य और शुकतीर्थ जैसी पवित्र भूमि का भी उल्लेख किया, जहां ऋषियों ने ज्ञान और आध्यात्मिक परंपरा को आगे बढ़ाया।

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मनोज पांडेय को दी बधाई

मुख्यमंत्री योगी ने श्री शिव महापुराण कथा के आयोजन के लिए कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय और उनके परिवार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ऊंचाहार के लोग भाग्यशाली हैं कि उन्हें ऐसा जनप्रतिनिधि मिला है, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के साथ विकास कार्यों को भी आगे बढ़ा रहा है। यहां विरासत और विकास की यात्रा साथ-साथ चल रही है।

हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ CM ने पूरा किया संबोधन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कथा व्यास पंडित प्रदीप मिश्रा और सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी लोग शिव महापुराण कथा के संदेशों को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने ‘नमः पार्वती पतये, हर-हर महादेव’ के उद्घोष के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।

Location :  Raebareli

Published :  13 September 2026, 4:13 PM IST

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