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उत्तर प्रदेश में शनिवार को विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश के सभी मतदान बूथों पर बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक मौजूद रहेंगे। इस दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में हटाए गए 2.89 करोड़ मतदाताओं की सूची दिखाई जाएगी। जिनका नाम कट गया है, वे मौके पर ही फॉर्म-6 भरकर दोबारा मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकते हैं।
Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल के तहत आज विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान आयोजित किया जा रहा है। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की तैनाती की गई है।
आज शनिवार को बीएलओ सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बूथों पर मौजूद रहेंगे और मतदाताओं को जरूरी जानकारी व सहायता प्रदान करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक योग्य नागरिकों को मतदाता सूची से जोड़ना और जिनका नाम किसी कारणवश कट गया है, उन्हें फिर से मतदान का अधिकार दिलाना है।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान प्रदेश भर में करीब 2.89 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे, इनमें मृतक, स्थानांतरित या अपात्र मतदाताओं के नाम शामिल बताए गए थे।
आज के अभियान में बीएलओ इन हटाए गए नामों की सूची बूथ पर मतदाताओं को दिखाएंगे, ताकि लोग यह जांच सकें कि उनका नाम सूची में है या नहीं। यदि किसी मतदाता को पता चलता है कि उसका नाम गलती से कट गया है, तो वह तुरंत आवश्यक दस्तावेज दिखाकर सुधार की प्रक्रिया शुरू कर सकता है, इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और मतदाताओं का भरोसा भी मजबूत होगा।
इस विशेष अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि नाम कटने वाले मतदाताओं को मौके पर ही फॉर्म-6 भरने की सुविधा दी जा रही है। हम आपको बता दें की फॉर्म-6 के जरिए नया नाम जोड़ने या हटे हुए नाम को दोबारा शामिल कराने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इसके लिए पहचान और निवास से जुड़े आवश्यक दस्तावेज साथ ले जाना अनिवार्य है।
चुनाव आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस एकदिवसीय विशेष अवसर का पूरा लाभ उठाएं और सुनिश्चित करें कि उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज हो। यह अभियान उन युवाओं के लिए भी अहम है, जो हाल ही में 18 वर्ष के हुए हैं और पहली बार वोटर बनने जा रहे हैं।
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प्रदेश में चलाया जा रहा यह विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान न सिर्फ प्रशासनिक सुधार की दिशा में कदम है, बल्कि लोकतांत्रिक सहभागिता को बढ़ावा देने की कोशिश भी है। समय पर नाम दर्ज होने से मतदाता बिना किसी परेशानी के आने वाले चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।