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राजस्थान के जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने एसीपी छवि शर्मा के नेतृत्व में एसआईटी गठित की है। अब एसआईटी साध्वी की मौत से पर्दा उठाएगी।
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत से पर्दा उठाएगी एसआईटी
Jodhpur: राजस्थान की मशहूर भजन गायिका और कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत का मामला पूरे देश में गरमाया हुआ है। शुक्रवार को उनके पैतृक गांव परेऊ में गमगीन माहौल के बीच उन्हें समाधि दी गई, लेकिन उनकी मृत्यु के पीछे छिपे सवालों ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी है। पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने एसीपी छवि शर्मा के नेतृत्व में एसआईटी गठित की है। अब एसआईटी साध्वी की मौत से पर्दा उठाएगी।
जानकारी के अनुसार साध्वी प्रेम बाईसा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ जानकारी नहीं मिल पाई है। बताया जा रहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साध्वी के शरीर पर किसी तरह की चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। शरीर में जहर होने की भी पुष्टि नहीं हुई है।
पूरे प्रदेश में मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने एसीपी छवि शर्मा के नेतृत्व में एसआईटी गठित की है। इंजेक्शन देने वाले कंपाउंडर से पूछताछ हो चुकी है, जबकि परिवार और आश्रम से जुड़े लोग भी जांच के दायरे में हैं।
जानकारी के अनुसार साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का मामला राजस्थान विधानसभा में भी जोर-शोर से उठा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने निष्पक्ष जांच की मांग की। विपक्ष के तीखे तेवरों के बीच राज्य सरकार ने सदन को भरोसा दिलाया है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
साध्वी के पिता विरमनाथ ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बेटी की तबीयत डॉक्टर द्वारा दिए गए एक 'गलत इंजेक्शन' के बाद बिगड़ी। उन्होंने कहा कि मैं न्याय के लिए किसी भी जांच और साइन करने को तैयार हूं। बस मेरी बेटी के हत्यारों को सजा मिले।मेवाड़ महामंडलेश्वर ईश्वरीय नंदगिरी सहित कई संतों ने भी इस थ्योरी पर संदेह जताते हुए बारीकी से मेडिकल जांच की मांग की है।
डॉ. प्रवीण जैन ने बताया कि बुधवार शाम जब साध्वी को अस्पताल लाया गया, तब वे अचेत थीं। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन उनकी हालत इतनी गंभीर थी कि उन्हें बचाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि अब मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में पता चलेगा कि गलत इंजेक्शन लगाने से उनकी मौत हुई या अन्य कारण से।
प्रेम बाईसा राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में कथा वाचन और भजन गायन करती थीं। वे महंत वीरमनाथ (विरमनाथ) की शिष्या थीं और अपने गुरु के साथ आश्रम में रहकर धार्मिक कार्यों में सक्रिय थीं। वीरमनाथ ही साध्वी प्रेम बाईसा के पिता हैं। उनके कथा सत्रों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते थे।
खासकर बाड़मेर, जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों में साध्वी प्रेम बाईसा ने अपना जीवन भक्ति, सेवा और समाज सुधार को समर्पित किया था। वे एक बाल साध्वी के रूप में जानी जाती थीं और उनके प्रवचनों में नैतिकता, परिवारिक मूल्यों और आध्यात्मिकता पर जोर दिया जाता था। उनके गुरु महंत वीरमनाथ भी धार्मिक जगत में प्रतिष्ठित नाम थे, जो कुटीर आश्रम में रहते थे।
साध्वी की छवि एक समर्पित धार्मिक व्यक्तित्व की थी, लेकिन वायरल वीडियो ने उनकी प्रतिष्ठा पर सवाल उठाए।