महाराजगंज में राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा, मौके पर पहुंचे DM, लोगों से की ये खास अपील

महाराजगंज के धानी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और राप्ती नदी का जलस्तर 76.85 मीटर तक पहुंचने के बाद जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने तटबंधों और प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया।

Maharajganj: राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर और लगातार हो रही बारिश ने धानी क्षेत्र में बाढ़ की आशंका को लेकर प्रशासन की सक्रियता बढ़ा दी है। शनिवार को जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल खुद धानी क्षेत्र में पहुंच गए और राप्ती नदी के आसपास के इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। डीएम के अचानक मौके पर पहुंचने से बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशासनिक गंभीरता साफ नजर आई।

जिलाधिकारी ने राप्ती नदी के जलस्तर, नदी किनारे की स्थिति, तटबंधों और संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद अधिकारियों से उन्होंने नदी के मौजूदा जलस्तर और उसमें हो रहे बदलाव की जानकारी ली। अधिकारियों ने डीएम को बताया कि रिगौली बांध के पास राप्ती नदी का जलस्तर 76.85 मीटर तक पहुंच गया है। लगातार बारिश के बीच नदी के जलस्तर पर प्रशासन की निगाह बनी हुई है।

राप्ती के बढ़ते पानी पर प्रशासन अलर्ट

बारिश का दौर लगातार जारी रहने से राप्ती नदी समेत क्षेत्र की अन्य नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में धानी क्षेत्र के निचले और नदी के आसपास के इलाकों में पानी बढ़ने की आशंका बनी हुई है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाए और जलस्तर में होने वाले प्रत्येक बदलाव की सूचना समय से उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जाए।

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डीएम ने साफ निर्देश दिया कि बाढ़ जैसी स्थिति में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। नदी का पानी बढ़ने की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं। प्रशासनिक एवं राजस्व टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने और संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया।

नाव, राहत सामग्री और बचाव टीमों की भी ली जानकारी

स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केवल नदी के जलस्तर का जायजा ही नहीं लिया, बल्कि बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन की तैयारियों की भी पड़ताल की। उन्होंने अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्य के लिए उपलब्ध नावों, राहत सामग्री, आवश्यक संसाधनों और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात टीमों के बारे में जानकारी ली।

डीएम ने निर्देश दिया कि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके, इसके लिए पहले से पूरी तैयारी रखी जाए। संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि बाढ़ की स्थिति पैदा होने पर राहत कार्य शुरू करने में किसी तरह की देरी न हो।

निचले इलाकों पर विशेष निगरानी का निर्देश

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को संभावित जलभराव वाले निचले इलाकों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने की स्थिति में प्रभावित आबादी तक सूचना समय से पहुंचाई जाए। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित रखी जाए।

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उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल कार्यालय स्तर पर रिपोर्ट का इंतजार करने के बजाय संवेदनशील इलाकों में लगातार भ्रमण कर वास्तविक स्थिति पर नजर रखी जाए। नदी के किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाए।

लोगों से भी सतर्क रहने की अपील

राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को तेज बहाव वाले स्थानों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास अनावश्यक रूप से नहीं जाने की सलाह दी गई है।प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें और बाढ़ या जलस्तर को लेकर प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं एवं दिशा-निर्देशों का पालन करें। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को नदी और पानी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रखने की सलाह दी गई है।

जलस्तर पर पल-पल नजर

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राप्ती नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जाए और स्थिति में किसी भी बदलाव की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाए। प्रशासन का फोकस इस समय संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने, राहत-बचाव के संसाधनों को तैयार रखने और जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने पर है।

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धानी क्षेत्र में डीएम के स्थलीय निरीक्षण के बाद बाढ़ को लेकर प्रशासनिक निगरानी और तेज हो गई है। लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच अब प्रशासन की नजर राप्ती के अगले जलस्तर पर टिकी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्थिति सामान्य रहने तक भी निगरानी में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी व्यवस्थाएं तैयार रखी जाएं।

Location :  Maharajganj

Published :  26 September 2026, 12:37 PM IST

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