UP Politics: अयोध्या सीट पर अखिलेश यादव ने चला दांव, इस मुखर नेता पर जताया भरोसा

समाजवादी पार्टी ने 2027 विधानसभा चुनाव में एक बार फिर उन पर भरोसा जताते हुए अयोध्या विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है। इसके साथ ही पवन पांडेय एक बार फिर प्रदेश की सबसे चर्चित चुनावी सीटों में से एक अयोध्या के चुनावी मुकाबले के केंद्र में आ गए हैं।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 6 August 2026, 2:37 AM IST
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Lucknow: समाजवादी पार्टी ने 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अयोध्या सीट से एक बार फिर तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय पर भरोसा जताया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को अयोध्या विधानसभा सीट से पवन पांडे को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन के दौरान उन्होंने इस घोषणा के साथ चुनावी अभियान का भी शंखनाद किया।

गौरतबल है कि अयोध्या विधानसभा सीट प्रदेश की सबसे चर्चित सीटों में शामिल है, क्योंकि इसी विधानसभा क्षेत्र में राम मंदिर स्थित है। अयोध्या जिले में कुल पांच विधानसभा सीटें हैं। इनमें दरियाबाद, रुदौली, मिल्कीपुर, बीकापुर और अयोध्या शामिल हैं। इनमें अयोध्या सीट का राजनीतिक महत्व सबसे अधिक माना जाता है।

ब्राह्मण सम्मेलन के मंच से उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर समाजवादी पार्टी ने यह संकेत भी दिया है कि वह 2027 के चुनाव को लेकर सामाजिक समीकरणों और क्षेत्रीय रणनीति पर तेजी से काम कर रही है।

2027 चुनाव की तैयारियों को मिली रफ्तार

अयोध्या से पवन पांडे के नाम का ऐलान सपा की चुनावी तैयारियों का अहम कदम माना जा रहा है। पार्टी अब धीरे-धीरे विभिन्न सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुनावी माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।

कौन हैं पवन पांडेय

पवन पांडे समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के चहेते नेताओं में से रहे हैं। पवन पांडेय ने वर्ष 1998 में छात्र राजनीति के जरिए सार्वजनिक जीवन में कदम रखा। इसी दौरान उनका जुड़ाव समाजवादी आंदोलन के संस्थापक नेता मुलायम सिंह यादव से हुआ। वर्ष 1999 से वह अखिलेश यादव के साथ सक्रिय रूप से जुड़े और संगठन में लगातार जिम्मेदारियां निभाते रहे।

वर्ष 2004 में वह लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष चुने गए। छात्र राजनीति के दौरान उन्होंने कई आंदोलनों का नेतृत्व किया। वर्ष 2007 में छात्र हितों से जुड़े आंदोलन के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा। इसके बाद उनकी पहचान एक संघर्षशील छात्र नेता के रूप में मजबूत हुई।

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मुखर नेता की छवि

पवन पांडेय की पहचान ऐसे नेता के रूप में है जो सरकार और प्रशासन के खिलाफ जनहित के मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं। समर्थकों के बीच उनकी छवि एक जमीनी और संघर्षशील नेता की है, जबकि राजनीतिक विरोधी अक्सर उनकी आक्रामक शैली को लेकर उन पर निशाना साधते रहे हैं।

अयोध्या जैसे धार्मिक और राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र में पवन पांडेय समाजवादी पार्टी के सबसे सक्रिय नेताओं में शामिल हैं। पार्टी के संगठन विस्तार, आंदोलनों और जनसंपर्क अभियानों में उनकी लगातार भूमिका रही है।

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वर्ष 2012 से 2017 तक विधायक रहते हुए उन्होंने सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और नगर विकास जैसे मुद्दों को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया। इसके अलावा स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को लेकर भी वह लगातार सक्रिय रहे।

Location :  Lucknow

Published :  6 August 2026, 2:32 AM IST

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