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साइबर ठगी के बाद आई राहत की खबर
Gorakhpur: साइबर ठगी के शिकार लोगों को राहत दिलाने के लिए चिलुआताल पुलिस की साइबर हेल्पडेस्क ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आठ पीड़ितों की कुल 19,102 रुपये की धनराशि वापस करा दी। पुलिस की इस कार्रवाई से ठगी और गलत UPI ट्रांजेक्शन के शिकार लोगों को राहत मिली है। सभी मामलों में शिकायतें नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज कराई गई थीं।
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों की धनराशि वापस कराने के अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक उत्तरी और पुलिस अधीक्षक अपराध के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज के पर्यवेक्षण में चिलुआताल साइबर हेल्पडेस्क ने कार्रवाई की।
थानाध्यक्ष सूरज सिंह के नेतृत्व में टीम ने शिकायतों की जांच कर संबंधित लेन-देन का परीक्षण और विश्लेषण किया। इसके बाद संबंधित बैंकिंग संस्थानों से समन्वय स्थापित कर एमआरएम पोर्टल के माध्यम से रकम वापस कराने की प्रक्रिया पूरी की गई।
पुलिस के मुताबिक, पहले मामले में आंगनबाड़ी अधिकारी बनकर ओटीपी हासिल करने के बाद साइबर ठगी की गई थी, जिसमें 2,233 रुपये वापस कराए गए। दूसरे और तीसरे मामलों में पीड़ितों से गलती से गलत यूपीआई खाते में क्रमश: 4,000 और 2,000 रुपये चले गए थे। चौथे मामले में जालसाज ने परिचित बनकर रकम मंगाई थी, जिसमें 2,000 रुपये वापस कराए गए।
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इसी तरह पांचवें मामले में पैसा दोगुना करने का झांसा देकर ठगी की गई थी, जिसमें 4,200 रुपये वापस कराए गए। छठे मामले में मोबाइल टावर लगवाने के नाम पर साइबर फ्रॉड कर 1,089 रुपये ठगे गए थे।
सातवें मामले में पीड़ित ने फेसबुक से फर्जी लोन एप डाउनलोड कर लिया था। इसके बाद खाते से रकम काट ली गई और व्हाट्सऐप पर एआई से एडिट की गई आपत्तिजनक तस्वीर भेजकर परेशान किया जाने लगा। इस मामले में 1,980 रुपये वापस कराए गए। आठवें मामले में गलत यूपीआई ट्रांजेक्शन से गए 1,600 रुपये वापस कराए गए।
कार्रवाई करने वाली टीम में थानाध्यक्ष सूरज सिंह, साइबर नोडल उपनिरीक्षक सच्चिदानन्द पाण्डेय, उपनिरीक्षक अन्जना कुश्वाहा, आरक्षी पंकज कुमार पाण्डेय, विवेक चौरसिया और सचिन कुमार शामिल रहे।
Location : Gorakhpur
Published : 30 September 2026, 12:08 AM IST