INDIA गठबंधन की बड़ी बैठक: मतदाता सूची विवाद और पीएम के कार्यकाल पर रोक लगाने के लिए विपक्ष की नई रणनीति

नई दिल्ली में आज INDIA गठबंधन की अहम बैठक शुरू हो गई है। बैठक का मुख्य मकसद चुनाव आयोग द्वारा 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के खिलाफ रणनीति बनाना और मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांगना है।

Updated : 30 September 2026, 8:09 AM IST
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New Delhi: देश के प्रमुख विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया' (INDIA) की एक महत्वपूर्ण बैठक आज 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की जा रही है। इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य एजेंडा चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में चलाए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के दौरान कथित तौर पर 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के गंभीर मुद्दे पर ठोस रणनीति तैयार करना है। विपक्ष ने इसे सीधे तौर पर 'वोटों की चोरी' करार देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को तेज कर दिया है।

अखिलेश यादव की अनुपस्थिति और सियासी चर्चाएं

इस महत्वपूर्ण मंथन में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो पा रहे हैं। पार्टी की ओर से इसके पीछे आधिकारिक वजह उत्तर प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए सपा प्रत्याशियों के नामांकन से जुड़ी व्यस्तताओं को बताया गया है। हालांकि, अखिलेश यादव के शामिल न होने को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं गर्म हैं। विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनजर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच चल रही सीट-बंटवारे की तल्खी और रणनीतिक मोलभाव भी इस दूरी की एक वजह हो सकती है। इसके बावजूद, दोनों ही दलों ने साफ किया है कि गठबंधन पूरी तरह मजबूत और पटरी पर है। अखिलेश यादव की जगह वरिष्ठ नेता हरेंद्र मलिक इस बैठक में समाजवादी पार्टी का आधिकारिक पक्ष रख रहे हैं।

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'वोटों की चोरी' का आरोप और देशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा

बैठक में कांग्रेस कार्य समिति (CWC) और अन्य सहयोगी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। विपक्षी नेताओं का साझा आरोप है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के लिए सोची-समझी साजिश के तहत बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। गठबंधन के तमाम नेताओं का एकमत से मानना है कि देश के संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए वर्तमान सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की नीतियों के खिलाफ एक बड़ा देशव्यापी जन-आंदोलन खड़ा किया जाना अनिवार्य है। सपा ने स्पष्ट किया है कि वे प्रधानमंत्री के कार्यकाल की कार्यशैली और नीतियों पर रोक लगाने के लिए पूरी मजबूती से काम करेंगे।

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दिग्गज नेताओं का जमावड़ा और आगे की राह

नई दिल्ली में हो रही इस अहम बैठक में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित विपक्ष के कई दिग्गज चेहरे एक मंच पर जुटे हैं। सभी नेता मिलकर आने वाले दिनों में सरकार के खिलाफ होने वाले देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों की रूपरेखा और संयुक्त आन्दोलन के स्वरूप को अंतिम रूप दे रहे हैं। चुनाव आयोग के खिलाफ मुखर तेवर और आगामी चुनावी रणनीतियों को लेकर यह बैठक विपक्षी खेमे के लिए बेहद निर्णायक मानी जा रही है।

Location :  New Delhi

Published :  30 September 2026, 8:09 AM IST

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