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सोनभद्र के आनंद राज सिंह ने UPPSC 2024 में 22वीं रैंक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है। बड़े भाई के निधन के गहरे दुख को अपनी ताकत बनाकर आनंद कैसे बने नायब तहसीलदार? जानिए कैसी रही उनकी 4 साल की कड़ी तपस्या और प्रयागराज में तैयारी का सफर।
सोनभद्र के आंनद राज बने UPPCS का गौरव (Source: Dynamite News)
Sonbhadra: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) 2024 के नतीजों ने सोनभद्र जिले का नाम रौशन कर दिया है। घोरावल तहसील के केवली गांव के निवासी आनंद राज सिंह ने प्रदेश स्तर पर 22वीं रैंक हासिल कर नायब तहसीलदार के पद पर अपना चयन सुनिश्चित किया है। आनंद की इस बड़ी उपलब्धि से पूरे जिले और उनके गांव में जश्न का माहौल है।
आनंद राज सिंह ने बताया कि उनकी यह सफलता लगभग चार वर्षों की कठिन तपस्या और अटूट लगन का परिणाम है। अपनी प्रारंभिक शिक्षा घोरावल के संत कीनाराम विद्यालय से पूरी करने के बाद, आनंद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रयागराज चले गए। वहां उन्होंने खुद को पढ़ाई के प्रति पूरी तरह समर्पित कर दिया और अपने दूसरे प्रयास में इस बड़े लक्ष्य को हासिल कर लिया। वह बचपन से ही मेधावी रहे हैं और शिक्षकों के बीच अपने अनुशासन के लिए जाने जाते थे।
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एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले आनंद के पिता आत्मानंद सिंह व्यवसायी हैं और माता मंजू सिंह गृहिणी हैं। परिवार ने हर स्थिति में उनका साथ दिया, लेकिन आनंद के जीवन में एक कठिन दौर तब आया जब एक सड़क दुर्घटना में उनके बड़े भाई अनुराग सिंह का निधन हो गया। इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया, लेकिन आनंद ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने भाई के सपने और माता-पिता की उम्मीदों को टूटने नहीं दिया और दुख को अपनी ताकत बनाकर लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ते रहे।
पढ़ाई के साथ-साथ आनंद की खेलकूद में भी गहरी रुचि रही है। नायब तहसीलदार के पद पर चयनित होने के बावजूद आनंद राज सिंह का असली सपना भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का हिस्सा बनना है। वे अपनी तैयारी जारी रखे हुए हैं और भविष्य में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में बड़ी सफलता हासिल करना चाहते हैं। उनकी यह कामयाबी आज सोनभद्र के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।