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एसटीएफ उत्तर प्रदेश ने ऑनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए ठगी करने वाले 6 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। जांच में नोएडा स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ईमेल से जुड़ा मोबाइल भी बरामद हुआ है।
स्कूलों को धमकी मेल कनेक्शन में 6 साइबर ठग गिरफ्तार
Noida: ऑनलाइन बेटिंग की आड़ में चल रहा था ठगी का बड़ा खेल और दूसरी तरफ स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ईमेल से मचा था हड़कंप। साइबर दुनिया के इस खतरनाक जाल का पर्दाफाश करते हुए स्पेशल टास्क फोर्स, उत्तर प्रदेश ने छह शातिर आरोपियों को दबोच लिया है। चौंकाने वाली बात ये है कि इसी गिरोह के पास से वो मोबाइल भी बरामद हुआ है, जो नोएडा के स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे मेल से जुड़े रिकवरी ईमेल में इस्तेमाल हुआ था।
क्या है पूरा मामला
13 फरवरी 2026 को एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया। यह गिरोह ऑनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए लोगों को झांसा देकर ठगी कर रहा था। जांच के दौरान पता चला कि 23 जनवरी 2026 को जनपद गौतमबुद्ध नगर के कई स्कूलों को धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे। इस मामले में साइबर क्राइम थाना, गौतमबुद्ध नगर में मुकदमा दर्ज हुआ था। तकनीकी विश्लेषण में सामने आया कि थ्रेट मेल यूएसए से ओरिजिनेट हुआ, लेकिन उससे जुड़ा रिकवरी ईमेल बांग्लादेश और भारत से कनेक्ट पाया गया। आगे की जांच में इसका लिंक शाहबेरी, थाना बिसरख क्षेत्र से जुड़ा मिला।
कॉल सेंटर बनाकर चला रहे थे गेम
एसटीएफ टीम जब बताए गए पते पर पहुंची तो वहां बड़ी संख्या में लैपटॉप और मोबाइल मिले। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह पूरा सेटअप अवैध ऑनलाइन बेटिंग ऐप के लिए कॉल सेंटर की तरह चलाया जा रहा था। आरोपी अमेरिकी नामों से मिलती-जुलती फर्जी मेल आईडी बनाकर लोगों को कॉल और ईमेल करते थे और बेटिंग में पैसा लगाने के लिए उकसाते थे। इसके लिए वीपीएन और फेक जीपीएस लोकेशन ऐप का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके।
क्या-क्या हुआ बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से 4 लैपटॉप, 22 मोबाइल फोन, 2 नेपाली पासपोर्ट, फर्जी आधार और पैन कार्ड, 16 डेबिट/क्रेडिट कार्ड, चेकबुक, नेपाली नागरिकता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और 19,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। सबसे अहम बरामदगी वो मोबाइल है, जो थ्रेट मेल से जुड़े रिकवरी ईमेल में इस्तेमाल हुआ था।
कौन हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में नेपाल और भारत के युवक शामिल हैं। मुख्य आरोपी अमीस जंग कारकी नेपाल का रहने वाला है और ऑस्ट्रेलिया से बीबीए डिप्लोमा कर चुका है। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस नेटवर्क को खड़ा किया। कुछ आरोपी पहले बड़े कॉल सेंटर में टेक सपोर्ट का काम कर चुके हैं, जिसका फायदा उठाकर इन्होंने यह साइबर जाल फैलाया। पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना सूरजपुर, गौतमबुद्धनगर में संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया जा रहा है। एसटीएफ अब थ्रेट मेल और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है।