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उत्तर प्रदेश में राशन कार्ड को लेकर बड़े बदलाव हुए हैं। अब केवल वाकई जरूरतमंद ही इसका लाभ ले पाएंगे और संपन्न परिवारों के नाम कटने शुरू हो गए हैं। साथ ही कोटे की दुकानों पर मिलने वाली चीजों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। लेकिन पूरी लिस्ट और अहम जानकारियां जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।
प्रतीकात्मक तस्वीर (source: Internet)
Lucknow: उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता लाने और पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। खाद्य एवं लॉजिस्टिक्स विभाग ने राशन कार्ड के लिए अपात्रता की नई सूची जारी की है, जिसके तहत अब संपन्न परिवारों को राशन की सुविधा से बाहर किया जाएगा। साथ ही, कोटेदारों की आय बढ़ाने के लिए राशन दुकानों के स्वरूप में भी बड़ा बदलाव किया गया है।
विभाग द्वारा जारी नए मानकों के अनुसार, अब उन परिवारों का राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा जो आर्थिक रूप से समृद्ध हैं। नए नियमों के मुताबिक, अगर किसी के पास अपना ट्रैक्टर या कार है, तो वे पात्र नहीं माने जाएंगे। इसके अलावा, सरकारी कर्मचारी, आयकर दाता और ऐसे लोग जिनके पास 150 गज से बड़ा मकान है, उन्हें भी सूची से बाहर रखा गया है।
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अपात्रता की इस श्रेणी में वे लोग भी शामिल हैं जिनके घर में AC या जनरेटर लगा है या जो विदेशों में नौकरी कर रहे हैं। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी सब्सिडी का लाभ केवल उन्हीं गरीबों को मिले जो वास्तव में इसके हकदार हैं।
गौरतलब है कि एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत, अब राशन की दुकानों पर केवल गेहूं और चावल ही नहीं, बल्कि दैनिक उपयोग की 25 से अधिक वस्तुएं भी उपलब्ध होंगी। शासनादेश 2023/975 के तहत उचित दर दुकानों (FCS) को इन वस्तुओं को बाजार मूल्य पर बेचने की अनुमति दी गई है।
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अब उपभोक्ता राशन की दुकानों से दूध के पैकेट, बिस्किट, ब्रेड, घी, सूखे मेवे, नमकीन और मसाले जैसी खाने-पीने की चीजें खरीद सकेंगे। इसके साथ ही डिटर्जेंट पाउडर, टूथब्रश, मच्छर रोधी अगरबत्ती, साबुन, बर्तन धोने वाले बार और बच्चों के कपड़े (होजरी) भी इन दुकानों पर बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए राशन दुकानों पर अब इलेक्ट्रिक सामान, टॉर्च, दीवार घड़ी, माचिस, प्लास्टिक की बाल्टी, मग, रस्सी और रेनकोट जैसी चीजें भी मिलेंगी। शासन का मानना है कि इस कदम से जहां कोटेदारों की आय में वृद्धि होगी, वहीं आम जनता को एक ही छत के नीचे गुणवत्तापूर्ण सामान मिल सकेगा।
"उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु आदेश 2016" के अनुपालन में उठाए गए इन कदमों का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को आर्थिक रूप से सशक्त और पारदर्शी बनाना है। विभाग ने प्रभावित परिवारों को सलाह दी है कि वे अपनी पात्रता की स्थिति जांचने के लिए NFSA पोर्टल का उपयोग करें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर कोई अपात्र व्यक्ति जानबूझकर राशन कार्ड नहीं सरेंडर करता है, तो जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।