हिंदी
इकरा हसन (Img : Google)
Kairana : कैराना में मोनू कश्यप हत्याकांड से जुड़ा मामला केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह पूरी तरह राजनीतिक टकराव में बदल गया है। यहां से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन पर दर्ज मुकदमे के बाद माहौल गरमा गया है। पुलिस कार्रवाई के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज है और दोनों पक्ष आमने-सामने नजर आ रहे हैं। सांसद ने कहा है कि उन पर लगाया गया आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है और वह किसी भी दबाव में झुकने वाली नहीं हैं।
पूरा विवाद 19 मई को शुरू हुआ जब सांसद इकरा हसन जसाला गांव में मोनू कश्यप हत्याकांड के पीड़ित परिवार के साथ डीआईजी से मिलने पहुंचीं थीं। आरोप है कि बाहर निकलने के बाद समर्थकों के साथ मिलकर उन्होंने यातायात व्यवस्था प्रभावित की और सरकारी कामकाज में बाधा डाली। इसी आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ समेत सात नामजद और 20-25 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया।
सांसद ने कहा कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश है। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने पूरे मामले की जानकारी ली है और एफआईआर की कॉपी भी मांगी है।
सांसद का कहना है कि वह पीड़ितों की आवाज उठाती रहेंगी। इस पूरे प्रकरण को लोकसभा में उठाया जाएगा, इसके साथ ही लखनऊ में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से भी शिकायत की जाएगी। अगर प्रशासन सोचता है कि इस तरह के मुकदमों से वे डर जाएंगी तो यह गलतफहमी है।
Video: बेटे की हत्या पर न्याय मांगना अपराध क्यों? इकरा हसन के समर्थन में उतरे सपा प्रमुख अखिलेश यादव
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। जिनमें सरकारी काम में बाधा डालना, दंगे से जुड़ी धाराएं और लोक सेवकों को रोकने या डराने से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। इनमें अलग-अलग धाराओं में सजा और जुर्माने का प्रावधान भी बताया गया है।
Location : Kairana
Published : 23 May 2026, 8:55 PM IST