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टोल टैक्स बचाने के चक्कर में बड़े वाहनों द्वारा ग्रामीण मार्गों का धड़ल्ले से इस्तेमाल अब आम जनजीवन के लिए खतरा बन चुका था। संकरी सड़कों पर तेज रफ्तार डंपर ट्रेलर और भारी वाहन न सिर्फ हादसों को न्योता दे रहे थे, बल्कि ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी भी मुश्किल कर रहे…पढिए पूरी खबर
खजमी पुलिस की बड़ी कार्रवाई
गोरखपुर: टोल टैक्स बचाने के चक्कर में बड़े वाहनों द्वारा ग्रामीण मार्गों का धड़ल्ले से इस्तेमाल अब आम जनजीवन के लिए खतरा बन चुका था। संकरी सड़कों पर तेज रफ्तार डंपर ट्रेलर और भारी वाहन न सिर्फ हादसों को न्योता दे रहे थे, बल्कि ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी भी मुश्किल कर रहे थे। लगातार मिल रही शिकायतों और बढ़ती दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने अब इस पर सख्त रुख अपना लिया है।
क्या है पूरी खबर?
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शुक्रवार को एसएचओ खजनी जयन्त सिंह क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित डंपर ट्रेलर जैसे भारी वाहनों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस टीम ने ग्रामीण मार्गों पर अचानक चेकिंग लगाकर भारी वाहनों की जांच शुरू की, जिससे वाहन चालकों में हड़कंप मच गया।
कई गंभीर अनियमितताएं
चेकिंग के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। बड़ी संख्या में वाहन गलत नंबर प्लेट के साथ चल रहे थे, वहीं कई चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस (DL) तक नहीं था। नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हुए ये वाहन बेखौफ सड़कों पर दौड़ रहे थे। पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए करीब तीन दर्जन (लगभग 36) वाहनों का चालान किया।
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मालिकों के खिलाफ और भी सख्त कदम
अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान केवल चालान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे भी लगातार ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि टोल बचाने के लिए ग्रामीण मार्गों का दुरुपयोग करने वाले वाहन चालकों और संबंधित मालिकों के खिलाफ और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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ग्रामीणों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि भारी वाहनों की वजह से सड़कों की हालत खराब हो रही थी और आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। बच्चों, बुजुर्गों और पैदल चलने वालों के लिए यह रास्ते बेहद खतरनाक हो गए थे। पुलिस की इस सख्ती से साफ संकेत मिल गया है कि अब नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं है। प्रशासन का यह अभियान न सिर्फ सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाएगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को भी मजबूत करेगा।