हिंदी
महराजगंज में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम संतोष कुमार शर्मा ने सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए सख्त निर्देश दिए। 11 ब्लैक स्पॉट सुरक्षित किए गए, निर्माणाधीन सड़कों पर बैरिकेडिंग और वाहनों की फिटनेस जांच में सख्ती के आदेश।
ठूठीबारी थाना और इंडो-नेपाल बॉर्डर का औचक निरीक्षण
Maharajganj: जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग (PWD) को निर्देशित किया कि मुख्य सड़कों के किनारे आवश्यक साइनेज (संकेतक बोर्ड) लगवाना सुनिश्चित किया जाए, जिससे यात्रियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश मिल सकें और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी आर.के. मिश्रा ने जानकारी दी कि जनपद के कुल 11 चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर साइनेज, रिपीटेड बार, रिफ्लेक्टिव टेप तथा आवश्यकतानुसार सड़क चौड़ीकरण का कार्य कर उन्हें सुरक्षित बनाया गया है।
जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन मार्गों पर मानक के अनुरूप बैरियर और बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्थिति में सुरक्षा मानकों से समझौता न किया जाए। साथ ही सड़कों के किनारे उगी झाड़ियों की नियमित कटाई सुनिश्चित करने को कहा, ताकि दृश्यता बाधित न हो और वाहन चालकों को असुविधा न हो।
विशेष रूप से महराजगंज–गोरखपुर मार्ग को लेकर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर यातायात का दबाव अधिक रहता है, इसलिए यहां सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए।
सरकारी स्कूल में लगी भयंकर आग, मचा हड़कंप, जानिए कैसे हुई यह घटना…
वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर भी डीएम ने एआरटीओ मनोज कुमार सिंह को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच पूरी गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ की जाए तथा मानक के अनुरूप न पाए जाने वाले वाहनों को तत्काल सीज करने की कार्रवाई की जाए। पुलिस और एआरटीओ को संयुक्त रूप से यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में सड़क सुरक्षा के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि विद्यालयों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर अभियान चलाकर लोगों को हेलमेट, सीट बेल्ट और ट्रैफिक नियमों के पालन के प्रति प्रेरित किया जाए।
पनियरा में दर्दनाक सड़क हादसा, धान लदी ट्राली से टकराई बाइक, दो की मौत
बैठक में अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी आर.के. मिश्रा, एआरटीओ मनोज सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन की इस सक्रियता से उम्मीद की जा रही है कि जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित बनेगी।