हिंदी
सोनभद्र में एक सरकारी फार्मासिस्ट द्वारा डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का मामला सामने आया है। सीएमओ ने जांच के आदेश दिए हैं और रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।
सोनभद्र के मुख्य चिकित्सा अधिकारी
Sonbhadra: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में स्वास्थ्य विभाग उस समय चर्चा में आ गया, जब एक सरकारी फार्मासिस्ट द्वारा उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का मामला सामने आया। इस घटना ने विभागीय अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, सीएमओ कार्यालय के पास संचालित अर्बन पीएचसी में तैनात फार्मासिस्ट मनोज राठौर ने सोशल मीडिया पर उपमुख्यमंत्री के खिलाफ न केवल आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, बल्कि गाली-गलौज भरी भाषा भी लिखी। यह पोस्ट सामने आते ही विभाग में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ के चिनहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान गंदगी, लापरवाही और अव्यवस्थाओं पर उन्होंने नाराजगी जताई थी। इसके बाद पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में सख्ती का माहौल बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी सेवा में रहते हुए इस तरह की अभद्र टिप्पणी करना सेवा आचरण नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसे कदाचार की श्रेणी में रखा जाता है। यदि ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं की जाती, तो यह अन्य कर्मचारियों को भी अनुशासनहीनता के लिए प्रेरित कर सकता है।
इस पूरे मामले पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) पी.के. राय ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि मामला उनके पास पहुंच चुका है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने एसीएमओ डॉ. प्रेम नाथ को जांच के निर्देश दिए हैं और जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
सोनभद्र: ओबरा थर्मल प्लांट में जांच टीम की एंट्री, मशीनों के मेंटेनेंस पर हुई चर्चा
सीएमओ ने स्पष्ट कहा कि यह मामला सामान्य नहीं बल्कि “अति गंभीर” श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त और उचित कार्रवाई की जाएगी। विभाग इस मामले को उदाहरण के तौर पर भी देख रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।