अयोध्या की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति का ऐलान, चित्रगुप्त पीठ में आज होगा शिला पूजन

मथुरा के राधाकुंड में आज श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के लिए कारसेवा का शंखनाद होगा। कार्यक्रम से पहले प्रशासन ने साध्वी ऋतंभरा और देवकीनंदन ठाकुर समेत 12 संतों को नोटिस भेजा है।

Updated : 9 August 2026, 9:14 AM IST
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Mathura: मथुरा के राधाकुंड स्थित जुल्हैंदी के चित्रगुप्त पीठ में आज रविवार को विशेष हवन-यज्ञ और शिला पूजन के साथ श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के लिए कारसेवा की शुरुआत होने जा रही है। इस बड़े आयोजन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और संतों का आना भी शुरू हो गया है। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देश के 13 अखाड़ों के साधु-संतों और कई हिंदू संगठनों के खास लोगों को बुलाया गया है। आयोजकों का अनुमान है कि इस कार्यक्रम में एक हजार से ज्यादा लोग जुटेंगे।

अयोध्या की तर्ज पर उठी मांग, आश्रम के अंदर ही होगी रूपरेखा तैयार

इस आंदोलन की शुरुआत 4 जुलाई को स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने अयोध्या आंदोलन की तर्ज पर की थी। समर्थन पाने के लिए उन्होंने 12 जुलाई को हरिद्वार में साध्वी ऋतंभरा से मुलाकात की थी। तय कार्यक्रम के अनुसार आज 9 अगस्त को आश्रम से कारसेवा का ऐलान हो रहा है। सुरक्षा और प्रशासन के नियमों को ध्यान में रखते हुए यह साफ कर दिया गया है कि सभी कार्यक्रम आश्रम के अंदर ही होंगे, कोई भी बाहर नहीं जाएगा। संत लोग आपस में मिलकर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।

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ओडिशा के कारीगर करेंगे नक्काशी

भगवान श्रीकृष्ण के भव्य मंदिर के निर्माण के लिए भरतपुर के बंसीपहाड़पुर से 50 हजार घन फीट गुलाबी पत्थरों का आर्डर दिया गया है। इनमें से 350 घन फीट पत्थरों की पहली खेप शुक्रवार रात ही चित्रगुप्त पीठ पहुंच गई है। खास बात यह है कि अयोध्या राम मंदिर में भी इसी जगह के पत्थरों का इस्तेमाल हुआ था। कारसेवा के शंखनाद के बाद इन पत्थरों पर नक्काशी का काम शुरू होगा, जिसके लिए ओडिशा से 20 कारीगर बुलाए गए हैं। ये कारीगर पत्थरों पर ब्रज संस्कृति और राधा-कृष्ण की बाल लीलाओं के चित्र उकेरेंगे।

साध्वी ऋतंभरा और देवकीनंदन ठाकुर समेत 12 संतों को थमाया रेड कार्ड नोटिस

कारसेवा के ऐलान के बाद पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है और संतों को रेड कार्ड नोटिस भेजे जा रहे हैं। जिन 12 लोगों को नोटिस मिला है, उनमें साध्वी ऋतंभरा, कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर, महंत फूलडोल बिहारीदास महाराज, श्रीचरणदास महाराज, सौरभ गौड़, सीतारामदास महाराज, संत अभिषेक ब्रह्मचारी, मोहिनी बिहारी शरण महाराज और महामंडलेश्वर कृष्णानंद महाराज शामिल हैं।

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शांति और सौहार्द बनाए रखने की हिदायत, आगे की दिशा पर होगी चर्चा

प्रशासन ने नोटिस में कहा है कि सोशल मीडिया पर कारसेवा के नाम पर ऐसे वीडियो या पोस्टर डाले गए हैं जिससे धार्मिक भावनाएं भड़क सकती हैं। प्रशासन ने अपील की है कि मथुरा और आसपास के इलाकों में ऐसा कुछ न किया जाए जिससे शांति व्यवस्था बिगड़े, वरना सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। फिलहाल पत्थरों की अगली खेप रोक दी गई है। आज का पूरा फोकस शिला पूजन और शंखनाद पर है, जिसके बाद संत बैठकर तय करेंगे कि आगे आंदोलन को कैसे आगे बढ़ाना है।

Location :  Mathura

Published :  9 August 2026, 9:14 AM IST

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