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मथुरा मनोज हत्याकांड (IMG: Dynamite News)
Mathura: एक पति घर से लापता हुआ और पीछे छूट गई ऐसी कहानी, जिसने अब पूरे मामले को मर्डर मिस्ट्री में बदल दिया है। परिवार को बताया गया कि मनोज सोनी नौकरी के लिए दिल्ली चला गया है और जल्द लौटकर कर्ज चुका देगा। पत्नी ने थाने में गुमशुदगी की शिकायत भी दी, लेकिन अगले ही दिन उसे वापस ले लिया। फिर कई दिन तक पति का कोई पता नहीं चला। घर पर ताला लगा और पत्नी बेटी को लेकर चली गई। जब परिजनों ने पुलिस और अधिकारियों से गुहार लगाई तो जांच आगे बढ़ी। अब आरोप है कि मनोज की हत्या उसकी पत्नी, बेटी और बेटी के प्रेमी ने मिलकर की।
मामला थाना गोविंद नगर क्षेत्र के जयसिंहपुरा इलाके की राधा कृष्ण वाटिका का है। यहां रहने वाले रामबाबू के मुताबिक, उनके तीन भाई हैं। उनसे छोटे विजयपाल और सबसे छोटे मनोज सोनी थे। 42 वर्षीय मनोज गोसेवा से जुड़े हुए थे और राधे बाबा गोशाला में गोसेवक के तौर पर काम करते थे। रामबाबू के मुताबिक, 18 अप्रैल की रात मनोज का अपनी पत्नी नैना से विवाद हुआ था। इसके बाद वह अचानक लापता हो गए। परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
मनोज का कोई पता नहीं चलने पर उनके भाई रामबाबू ने 9 मई को थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस से मनोज को तलाशने की मांग की। परिजनों के मुताबिक, इसके बाद भी उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं मिल सकी। इसी बीच 7 जून को नैना घर में ताला लगाकर अपनी छोटी बेटी को साथ लेकर चली गई। घर पर ताला लगा देखकर परिवार के लोगों को मामला और संदिग्ध लगा। इसके बाद परिजनों ने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई।
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परिजनों की शिकायत के बाद एसएसपी के आदेश पर 11 जुलाई को थाना गोविंद नगर पुलिस ने मनोज की गुमशुदगी दर्ज की। इसके बाद पुलिस ने उनकी पत्नी और बेटी की तलाश शुरू की। करीब एक सप्ताह पहले पुलिस मां-बेटी को मथुरा लेकर आई और पूछताछ की। पूछताछ के बाद नैना अपने मायके चली गई। परिजनों का दावा है कि मायके में पिता के सवाल करने पर नैना ने कथित तौर पर पूरी घटना के बारे में जानकारी दी।
परिजनों के मुताबिक, नैना ने अपने पिता को बताया कि छोटी बेटी और उसके प्रेमी ने कथित तौर पर मनोज को दूध में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया था। आरोप है कि नशीला पदार्थ पीने के बाद मनोज बेहोश हो गए। इसके बाद कथित तौर पर उनके सिर पर पत्थर से वार कर हत्या कर दी गई। परिजनों का आरोप है कि वारदात के बाद शव को अक्रूर के जंगल में दफना दिया गया।
नैना के कथित बयान के बाद पुलिस ने उसी कॉलोनी में रहने वाले बेटी के प्रेमी विमल चौधरी को हिरासत में लिया। विमल के बारे में बताया गया है कि वह डिलीवरी बॉय का काम करता है। पुलिस ने उससे पूछताछ की और उसकी निशानदेही पर अक्रूर के जंगल में शव की तलाश शुरू की। बृहस्पतिवार रात जेसीबी मशीन की मदद से जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
मामले में मनोज की बहन भावना ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। वह उसी कॉलोनी की दूसरी गली में रहती हैं। उनके मुताबिक, करीब एक सप्ताह पहले नैना अपनी बेटी को लेकर उनके पास आई थी और फिर उन्हें अपने घर ले गई। जब भावना ने अपने भाई मनोज के बारे में पूछा तो कथित तौर पर नैना ने बताया कि वह नौकरी के लिए दिल्ली गए हैं। उसने यह भी बताया कि मनोज पर कर्ज था और वह नौकरी करके लौटने के बाद कर्ज चुका देंगे।
मनोज की बहन भावना का आरोप है कि बातचीत के दौरान नैना ने घर में रखे कुछ कपड़े और जरूरी दस्तावेज बाहर निकाले और उन्हें आग लगा दी। इसके बाद घर में ताला लगाकर वहां से चली गई। परिजनों का आरोप है कि हत्या के बाद घटना से जुड़े साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश की गई। उनका दावा है कि कपड़े और दस्तावेज जलाना भी इसी कथित साजिश का हिस्सा हो सकता है।
रामबाबू के मुताबिक, मनोज परिवार में सबसे छोटे भाई थे और गोसेवा का काम करते थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां और 12 साल का एक बेटा है। बड़ी बेटी की शादी आगरा में हुई है और बेटा भी वहीं रहता है। फिलहाल मनोज, उनकी पत्नी नैना और छोटी बेटी घर पर रहते थे। अब मनोज के अचानक लापता होने और उनकी कथित हत्या के आरोपों ने परिवार को हिलाकर रख दिया है।
नैना के घर से चले जाने के बाद परिजनों ने घर पर 'मकान बिकाऊ है' लिखवा दिया है। वहीं पुलिस घर और आसपास के इलाकों से साक्ष्य जुटाने में लगी है। मनोज के भाई रामबाबू का आरोप है कि हत्या सुनियोजित तरीके से की गई और घटना के बाद शव को ठिकाने लगाने के साथ-साथ साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
Location : Mathura
Published : 8 August 2026, 3:52 PM IST