राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संत समाज का बड़ा बयान, बोले- गड़बड़ी करने वाला चाहे कोई भी हो, जाएगा जेल

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान राशि को लेकर चल रहे विवाद के बीच SIT जांच कर रही है। संत समाज ने जांच पर भरोसा जताते हुए कहा है कि दोषी कोई भी हो, कार्रवाई होगी। वहीं महंत अभिषेक दास ने हनुमान जी की प्रतिमा को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 21 June 2026, 8:18 AM IST
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Ayodhya: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान राशि को लेकर उठे विवाद के बीच अब संत समाज की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) अपनी पड़ताल कर रहा है। इसी बीच सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी से जुड़े संतों ने साफ कहा है कि मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संत समाज ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जो भी सच सामने आएगा, उसके आधार पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

SIT जांच पर जताया भरोसा

सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के महंत ज्ञान दास जी महाराज के उत्तराधिकारी महंत संजय दास ने एसआईटी जांच पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी अपना काम कर रही है और पूरी जांच के बाद स्थिति साफ हो जाएगी। महंत संजय दास ने कहा कि मंदिर और भगवान से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सबसे जरूरी है। अगर किसी भी स्तर पर कोई गलती या गड़बड़ी सामने आती है तो कानून अपना काम करेगा।

'चढ़ावे में गड़बड़ी करने वाला जाएगा जेल'

महंत संजय दास ने सख्त शब्दों में कहा कि अगर चढ़ावे की राशि में चोरी या किसी तरह की अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार व्यक्ति को सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि भगवान के नाम पर आने वाली राशि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी होती है। इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी गंभीर मामला है। महंत ने कहा कि चाहे आरोपी कितना भी बड़ा व्यक्ति क्यों न हो, अगर वह दोषी पाया जाता है तो उसे कानून के मुताबिक सजा मिलेगी और जेल जाना पड़ेगा।

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बयानबाजी से बचने की अपील

महंत संजय दास ने लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह की जल्दबाजी में बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में कई लोग अलग-अलग बातें कह रहे हैं, लेकिन सही तस्वीर एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी। संत समाज ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने तक धैर्य रखना चाहिए ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति पर आरोप न लगे और दोषियों को बचने का मौका भी न मिले।

हनुमान प्रतिमा को लेकर भी उठा सवाल

राम मंदिर से जुड़े विवाद के बीच अब भगवान हनुमान की प्रतिमा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। महंत बाबा अभिषेक दास ने कहा कि भगवान राम के साथ हमेशा रहने वाले हनुमान जी की प्रतिमा वर्तमान में गर्भगृह में नहीं है। उन्होंने इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत बताई। महंत अभिषेक दास ने कहा कि अयोध्या के संत, महंत और अधिकारी इस बात से परिचित हैं कि राम दरबार में हनुमान जी का विशेष स्थान रहा है। ऐसे में उनकी प्रतिमा को उचित स्थान मिलना चाहिए।

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'हनुमान जी की प्रतिमा कहां है?'

महंत अभिषेक दास ने सवाल उठाया कि अगर हनुमान जी भगवान राम के सबसे बड़े भक्त हैं तो उनकी प्रतिमा कहां है और उनकी नियमित पूजा-अर्चना किस व्यवस्था के तहत हो रही है। उन्होंने कहा कि हनुमान जी केवल एक भक्त नहीं बल्कि राम दरबार का अभिन्न हिस्सा हैं। इसलिए इस विषय को भी गंभीरता से देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि जब भगवान राम अस्थायी टेंट में विराजमान थे, तब भी हनुमान जी की उपस्थिति थी। ऐसे में वर्तमान व्यवस्था में उनकी अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

फिलहाल राम मंदिर चढ़ावा विवाद में सभी की नजरें एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। संत समाज का एक बड़ा हिस्सा उम्मीद कर रहा है कि जांच के बाद वास्तविक तथ्य सामने आएंगे। वहीं दूसरी तरफ मंदिर की धार्मिक व्यवस्थाओं से जुड़े अन्य मुद्दे भी चर्चा में आने लगे हैं। अब देखना होगा कि जांच के बाद क्या तस्वीर सामने आती है और प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।

Location :  Ayodhya

Published :  21 June 2026, 8:18 AM IST

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