नोएडा हिंसा की साजिश में कौन था मास्टरमाइंड? DU के छात्र की गिरफ्तारी से खुल रहे बड़े राज

नोएडा में अप्रैल माह के श्रमिक आंदोलन को हिंसक बनाने की कथित साजिश के मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय के एलएलबी छात्र योगेश मीणा को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि डिजिटल साक्ष्यों में श्रमिकों को उकसाने और भ्रम फैलाने के प्रमाण मिले हैं। मामले में पहले ही कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और दो आरोपियों पर एनएसए लगाया गया है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 3 June 2026, 8:24 AM IST
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Noida: अप्रैल में नोएडा में हुए श्रमिक आंदोलन को हिंसक बनाने की कथित साजिश के मामले में पुलिस ने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के एलएलबी छात्र योगेश मीणा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला है और उसके संबंध आरडब्ल्यूपीआई (रिवोल्यूशनरी वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया) तथा दिशा फाउंडेशन से बताए जा रहे हैं। योगेश पूर्व में डीयू छात्रसंघ अध्यक्ष पद का चुनाव भी लड़ चुका है।

जांच में मिली महत्वपूर्ण भूमिका की जानकारी

नोएडा सेंट्रल के एडीसीपी स्वतंत्र सिंह के अनुसार जांच के दौरान ऐसे कई डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि योगेश आंदोलन को उग्र बनाने की साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। पुलिस का दावा है कि आरोपी सोशल मीडिया और विभिन्न व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से श्रमिकों के बीच सक्रिय था तथा उसने कथित रूप से भ्रामक जानकारियां फैलाकर असंतोष बढ़ाने का प्रयास किया।

सोशल मीडिया के जरिए फैलाया गया भ्रम

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर यह दावा प्रसारित किया था कि नोएडा पुलिस के एक अधिकारी का चालक श्रमिकों के संपर्क में है और आंदोलन से जुड़े लोगों को उकसा रहा है। पुलिस के मुताबिक यह जानकारी पूरी तरह भ्रामक थी और साजिश का हिस्सा थी। जांच के दौरान कथित चालक अनिल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों में यह स्पष्ट हुआ कि अनिल का किसी पुलिस अधिकारी से कोई संबंध नहीं था।

82 स्थानों पर हुआ था प्रदर्शन

13 अप्रैल को नोएडा में श्रमिक आंदोलन के दौरान करीब 82 स्थानों पर 42 हजार से अधिक श्रमिकों ने प्रदर्शन किया था। पुलिस के अनुसार इनमें से कुछ स्थानों पर हालात हिंसक हो गए थे। इस दौरान लगभग 400 कंपनियों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। कई औद्योगिक इकाइयों, कार्यालयों और फैक्टरियों को नुकसान पहुंचा। उपद्रव के दौरान आगजनी की घटनाएं भी हुईं, जिनमें 30 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे।

दो आरोपियों पर लग चुका है एनएसए

जांच एजेंसियों का कहना है कि कई संगठनों की भूमिका इस पूरे घटनाक्रम में सामने आई है। अब तक कई महिलाओं समेत 10 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में दो आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई भी की गई है। पुलिस का कहना है कि योगेश से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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जांच जारी

पुलिस का कहना है कि मामले में डिजिटल साक्ष्यों और गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की जांच जारी है। अधिकारियों के मुताबिक हिंसक घटनाओं में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Noida

Published :  3 June 2026, 8:24 AM IST

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