DN Exclusive: नोएडा पुलिस का नया गेम, युवक की मौत के 3 दिन बाद गुमशुदगी दर्ज, पीड़ित भाई का आरोप- NCR लिखने के लिए 2 हजार रुपये लिए

नोएडा में लापता हुए युवक अनमोल की मौत का खुलासा करीब 28 दिन बाद होने से परिवार ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। परिवार का दावा है कि अनमोल की मौत 9 सितंबर को दादरी रेलवे ट्रैक पर हो चुकी थी, जबकि उसकी गुमशुदगी 14 सितंबर को दर्ज हुई। 7 अक्टूबर को एसीपी कार्यालय पहुंचने पर भाई को मौत की जानकारी मिली...

Post Published By: DN Bureau
Updated : 7 October 2026, 9:18 PM IST
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Noida News: नोएडा में एक ऐसा मामला देखने को मिला है, जो पुलिस की कार्य शैली पर सवाल खड़े कर देता है। एक युवक की मौत 9 सितंबर को हो जाती है और उसकी गुमशुदगी 14 सितंबर को दर्ज होती है। युवक की मौत भी उसी जिले में होती है। बड़ी बात यह है कि मौत के बाद भी पुलिस लगातार युवक से कहती रही कि हम जल्द ही उसको ढूंढ लेंगे। पीड़ित दर-दर की ठोकरें खाता रहा। युवक पहले डीएम दफ्तर गया और उसके 2 दिन बाद एसीपी दफ्तर गया। एसीपी ऑफिस जाकर पता चला कि युवक की मौत तो 9 सितंबर को ही हो चुकी थी। सवाल खड़ा होता है कि उसके बाद पुलिस क्यों पीड़ित के साथ गेम खेल रहे थे। जब बुधवार को युवक एसीपी ऑफिस पहुंचा तो पता चला कि उसकी मौत दादरी रेलवे ट्रैक पर कटकर हो गई। इस बात की जानकारी मृतक के भाई को 7 अक्टूबर को एसीपी ऑफिस जाकर लगी।

9 सितंबर से गायब था युवक

अंकित कुमार का कहना है कि वह मूल रूप से कासगंज में स्थित अलीपुर गांव के रहने वाले है। उनका छोटा भाई अनमोल ग्रेटर नोएडा में स्थित इकोटेक-3 थाना क्षेत्र में स्थित कुलेसरा पुलिस चौकी में आने वाले कुलेसरा गांव में रहता था और नोएडा की एक कंपनी में नौकरी करता था। अंकित ने बताया कि 9 सितंबर से उनके भाई अनमोल का मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था। काफी प्रयास करने के बावजूद भी अनमोल के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया, इसके बाद उन्होंने इस मामले की जानकारी 11 सितंबर को पुलिस को दी।

14 सितंबर को एनसीआरबी दर्ज की थी

अंकित का आरोप है कि उन्होंने पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने उनको इधर से उधर भेजा। कभी पुलिस चौकी तो कभी थाने के चक्कर काटने पड़े। काफी परेशान होने के बाद पुलिस ने 14 सितंबर को एनसीआरबी दर्ज की थी। अंकित ने शिकायत में बताया कि मामला दर्ज करने के बाद कुलेसरा चौकी प्रभारी मनमोहन के पास उनका भेजा गया। उसके बाद एसआई नरेंद्र को संपर्क करने के लिए कहा।

अनमोल की अंतिम लोकेशन दादरी मिली थी

अंकित ने डीएम ऑफिस में शिकायत देते हुए बताया कि मैं पुलिस चौकी में 7-8 घंटे तक बैठा रहा था, लेकिन पुलिस कभी स्पष्ट जवाब नहीं देती थी। पुलिस ने यह ही बताया था कि उसकी अंतिम लोकेशन दादरी में मिली, लेकिन पुलिस ने फिर भी नहीं ढूंढ़ा।

नोएडा पुलिस सवालों में घिरी, कौन देगा जवाब?

अब सवाल खड़ा होता है कि आखिरकार नोएडा पुलिस पीड़ित परिवार के साथ किस तरीके का गेम खेल रही थी? एक युवक 9 सितंबर को गायब हो जाता है। 11 सितंबर में उसकी शिकायत आती है और पुलिस 14 सितंबर को गुमशुदगी दर्ज होती है। उसके बाद पीड़ित परिवार को बार-बार परेशान करती है। पीड़ित परिवार बार-बार पुलिस चौकी के चक्कर काटता है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलता और अब 7 अक्टूबर को पता चलता है कि युवक की मौत 9 सितंबर को ही रेलवे से कटकर हो चुकी है। ईकोटेक-3 कोतवाली क्षेत्र और दादरी कोतवाली क्षेत्र एक जिले में पड़ते हैं। उसके बावजूद भी ईकोटेक-3 कोतवाली में तैनात पुलिसकर्मियों और कुलेसरा चौकी इंचार्ज ने कोशिश भी नहीं कि इस मामले में क्या कार्रवाई करें?

Location :  Noida

Published :  7 October 2026, 9:14 PM IST

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