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शब्बीर के हाथ में पिस्टल वाला वीडियो वायरल (IMG: Dynamite News)
Maharajganj: पुरंदरपुर गोलीकांड में 17 वर्षीय जीशान की मौत के बाद मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है। अब इस केस से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें गिरफ्तार शब्बीर के हाथ में पिस्टल दिखाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की जांच में हथियार को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि वीडियो में दिखाई दे रही पिस्टल का क्या इस गोलीकांड से कोई संबंध है? क्या इसी हथियार से वह गोली चली थी, जिसने जीशान की जान ले ली? फिलहाल इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगा।
पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के समरधीरा में हुए गोलीकांड में 17 वर्षीय जीशान की मौत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शब्बीर को गिरफ्तार किया था। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें शब्बीर के हाथ में कथित तौर पर पिस्टल दिखाई दे रही है। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर इसकी चर्चा तेज हो गई है। लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं कि वीडियो में दिखाई दे रहे हथियार का गोलीकांड से कोई संबंध है या नहीं। पुलिस के लिए भी यह वीडियो जांच की एक संभावित कड़ी बन सकता है। हालांकि, वीडियो कब का है, कहां बनाया गया और उसमें दिखाई दे रहा हथियार वास्तव में कौन सा है, इन सभी बिंदुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुरंदरपुर थाना क्षेत्र में हुई इस घटना में 17 वर्षीय जीशान को गोली लगी थी। गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की और पूछताछ के लिए आरोपितों को हिरासत में लिया। जीशान की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। वहीं, घटना की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल सामने आए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गोली कैसे चली, हथियार किसके पास था और घटना के समय वहां मौजूद लोगों की भूमिका क्या थी।
इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही पिस्टल और गोलीकांड में इस्तेमाल हुए हथियार के बीच कोई संबंध है या नहीं। इसका जवाब केवल वीडियो देखकर नहीं दिया जा सकता। अगर पुलिस के कब्जे में कोई हथियार बरामद हुआ है तो उसकी वैज्ञानिक जांच कराई जा सकती है। घटनास्थल से बरामद खोखे और गोली की जांच के साथ हथियार का मिलान किया जाएगा। बैलिस्टिक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा सकती है कि गोली या खोखे पर मिले निशान संबंधित हथियार से मेल खाते हैं या नहीं।
सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो को जांच में इस्तेमाल करने से पहले उसकी सत्यता और प्रासंगिकता की पुष्टि जरूरी होती है। ऐसे में पुलिस यह भी पता लगा सकती है कि वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था और उसमें दिखाई दे रहा व्यक्ति वास्तव में शब्बीर ही है या नहीं। इसके साथ ही वीडियो में दिखाई दे रहे हथियार की पहचान भी महत्वपूर्ण होगी।
गोलीकांड की जांच में फॉरेंसिक और बैलिस्टिक साक्ष्य अहम भूमिका निभा सकते हैं। घटनास्थल से मिले खोखे, गोली और बरामद हथियार की वैज्ञानिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गोली किस हथियार से चली थी। अगर जांच में वायरल वीडियो वाली पिस्टल और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के बीच कोई कड़ी सामने आती है, तो मामले की दिशा और स्पष्ट हो सकती है।
Location : Maharajganj
Published : 19 September 2026, 12:57 PM IST
Topics : Firing Case Maharajganj News (महाराजगंज न्यूज़) UP Crime News Viral video Zeeshan Death Case