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नवाबगंज चीनी मिल (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Bareilly: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में गन्ना किसानों के लंबे समय से अटके बकाए के भुगतान को लेकर प्रशासन ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। किसानों के लगभग 70 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान को सुनिश्चित करने के लिए अब नवाबगंज चीनी मिल को पूरी तरह से बेचने की तैयारी शुरू कर दी गई है। पुणे की एक प्रतिष्ठित तकनीकी टीम द्वारा इस मिल का मूल्यांकन 180 करोड़ रुपये किया गया है, जिसके बाद प्रशासन ने संभावित खरीदारों की तलाश तेज कर दी है।
नवाबगंज चीनी मिल पर गन्ना किसानों का भुगतान पिछले कई वर्षों से लंबित चल रहा है। यदि पिछले कुछ पेराई सत्रों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो वित्तीय संकट और बकाया लगातार गहराता गया। पेराई सत्र 2023-24 के दौरान मिल पर किसानों का कुल 107.12 करोड़ रुपये बकाया था। हालांकि मिल प्रबंधन ने इसमें से 91.64 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया था, लेकिन फिर भी 15.48 करोड़ रुपये की राशि बकाया रह गई थी।
इसके बाद, पेराई सत्र 2024-25 में मिल ने किसानों से 39.45 करोड़ रुपये का गन्ना तो खरीदा, परंतु इस बार एक भी रुपये का भुगतान नहीं किया गया। इससे किसानों की बकाया राशि बढ़कर सीधे 54.93 करोड़ रुपये हो गई। इस मूल बकाए में जब ब्याज की राशि को जोड़ा गया, तो यह पूरा बकाया आंकड़ा बढ़कर लगभग 70 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
किसानों के भुगतान को लेकर पिछले तीन वर्षों से प्रशासन लगातार मिल प्रबंधन पर दबाव बना रहा था। बावजूद इसके, जब संतोषजनक भुगतान नहीं हुआ, तो शासन के निर्देश पर सख्त कानूनी कार्रवाई की गई। मिल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर (प्राथमिकता) दर्ज कराई गई। इसके बाद आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी करते हुए मिल की भूमि को कुर्क करने की कार्रवाई अमल में लाई गई। भुगतान की स्थिति पूरी तरह विफल रहने के कारण ही पिछले पेराई सत्र में इस मिल को किसी भी तरह का गन्ना आवंटित नहीं किया गया था। तमाम प्रशासनिक प्रयासों के बेनतीजा रहने के बाद अब मिल की पूरी संपत्ति को नीलाम कर या बेचकर भुगतान चुकाने का रास्ता चुना गया है।
मिल की सही कीमत का आकलन करने के लिए पुणे स्थित प्रसिद्ध 'बसंत दादा शुगर इंस्टीट्यूट' की तीन सदस्यीय तकनीकी विशेषज्ञ टीम को बरेली भेजा गया था। इस टीम ने मिल परिसर और उसकी संपत्तियों का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद पूरी चीनी मिल की कीमत करीब 180 करोड़ रुपये आंकी है।
इसी मूल्यांकन रिपोर्ट को आधिकारिक आधार मानकर प्रशासन ने बिक्री की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है। जिला गन्ना अधिकारी डीके सैनी ने स्पष्ट किया है कि अब केवल जमीन के एक हिस्से की नहीं, बल्कि पूरी चीनी मिल को बेचने की प्रक्रिया गति पकड़ चुकी है।
इस पूरी बिक्री प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू रूप से चलाने के लिए जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देश पर एसडीएम नवाबगंज सचिन यादव की अध्यक्षता में एक विशेष प्रशासनिक कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी वर्तमान में देश भर के संभावित खरीदारों और निवेशकों की तलाश कर रही है। जिला प्रशासन को पूरी उम्मीद है कि मिल की इस बड़ी बिक्री से मिलने वाली राशि से गन्ना किसानों के कई वर्षों से अटके बकाए का भुगतान शत-प्रतिशत पूरा हो सकेगा और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
Location : Bareilly
Published : 30 September 2026, 11:51 AM IST