मुजफ्फरनगर : पीएम के बयान पर सर्राफा कारोबारियों ने बोली बड़ी बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोना न खरीदने की अपील पर मुज़फ्फरनगर सर्राफा एसोसिएशन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यदि बात विदेशी सोने के आयात को कम करने की है तो यह समझी जा सकती है, लेकिन घरेलू सोने की खरीद रोकना संभव नहीं है। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि ऐसे बयानों से बाजार में भ्रम और कालाबाजारी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 12 May 2026, 9:02 PM IST
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Muzaffarnagar : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोना न खरीदने की अपील के बाद सर्राफा बाजार में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। मुजफ्फरनगर सर्राफा एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष पवन वर्मा ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार को इस विषय पर स्पष्टता देनी चाहिए कि अपील विदेशी सोने के आयात को लेकर है या घरेलू बाजार में खरीदारी को लेकर। उनका कहना है कि अगर विदेशी सोने के आयात को कम करने की बात है तो इसे समझा जा सकता है, क्योंकि इससे देश का पैसा बाहर जाता है।

घरेलू सोने का कारोबार रोकना असंभव

पवन वर्मा ने कहा कि भारत में सोना केवल एक धातु नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था का हिस्सा है। शादी-विवाह, त्योहार और पारिवारिक कार्यक्रमों में लोग सोना गिफ्ट करते हैं और इसे निवेश के रूप में भी देखते हैं। उन्होंने कहा कि देश में लाखों कारीगर, शिल्पकार और व्यापारी इस कारोबार से जुड़े हुए हैं। ऐसे में घरेलू स्तर पर सोने की खरीद को रोकना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।

निवेश के तौर पर भी मजबूत विकल्प

सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार लोग सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश मानते हैं। पवन वर्मा ने कहा कि कई परिवार वर्षों तक सोने में निवेश करते हैं और समय के साथ उसकी कीमत बढ़ने पर अच्छा रिटर्न प्राप्त करते हैं। उनका कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में सोना और चांदी का महत्वपूर्ण योगदान है और बाजार में इसकी स्थायी मांग बनी रहती है।

बाजार में बढ़ सकता है भ्रम

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह के बयान बिना स्पष्ट दिशा के दिए जाते हैं तो बाजार में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। पवन वर्मा के मुताबिक लोग यह सोचकर अधिक खरीदारी कर सकते हैं कि भविष्य में सोने की उपलब्धता कम हो जाएगी। इससे अचानक मांग बढ़ने और कालाबाजारी जैसी स्थिति बनने का खतरा भी पैदा हो सकता है।

व्यापारियों से सलाह लेने की मांग

सर्राफा एसोसिएशन ने कहा कि इस तरह के संवेदनशील आर्थिक मुद्दों पर बयान देने से पहले व्यापारिक संगठनों और विशेषज्ञों से चर्चा की जानी चाहिए। पवन वर्मा ने कहा कि सरकार यदि व्यापारियों के साथ बैठकर रणनीति तैयार करे तो बाजार में संतुलन बनाए रखना आसान होगा और किसी तरह की अफवाह या अनिश्चितता से बचा जा सकेगा।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  12 May 2026, 9:02 PM IST

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