मुजफ्फरनगर में मानवता शर्मसार, 12 बंधुआ मजदूर मुक्त, नाबालिगों से अमानवीय व्यवहार का खुलासा

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पेपर प्लेट फैक्टरी से 12 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया। मंडी गांव की फैक्टरी में नाबालिगों से भी काम कराने और अमानवीय व्यवहार के आरोप सामने आए हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

Updated : 24 June 2026, 11:37 AM IST
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Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में मानवाधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। तितावी थाना क्षेत्र के मंडी गांव में संचालित एक पेपर प्लेट बनाने वाली फैक्टरी पर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर 12 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया है। इनमें नाबालिग मजदूर भी शामिल बताए गए हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को इस कार्रवाई की जानकारी दी।

बताया गया कि फैक्टरी में मजदूरों से लंबे समय से जबरन काम कराया जा रहा था और उन्हें बंधक बनाकर रखा गया था। सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला।

अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर थे मजदूर

अधिकारियों के अनुसार, फैक्टरी में मुक्त कराए गए मजदूरों की हालत बेहद खराब थी। उन्हें फैक्टरी परिसर के अंदर ही रहने के लिए मजबूर किया गया था। आरोप है कि मजदूरों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा था और उन्हें बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखा गया।

मुक्त कराए गए कुछ मजदूरों के शरीर पर चोट और प्रताड़ना के निशान भी मिले हैं। इन निशानों से उनके साथ किए गए कथित अत्याचारों का पता चलता है। मजदूरों ने बताया कि काम कराने के बावजूद उन्हें तय मासिक वेतन भी नहीं दिया जा रहा था।

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गुप्त सूचना के आधार पर आधी रात को हुई कार्रवाई

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार ने बताया कि पुलिस और प्रशासन को फैक्टरी में बंधुआ मजदूरी कराए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई गई और एक विशेष टीम का गठन किया गया।

कार्यपालक मजिस्ट्रेट राधे श्याम गौड़ के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने तितावी थाना क्षेत्र के मंडी गांव स्थित पेपर प्लेट फैक्टरी पर अचानक छापेमारी की।

फैक्टरी को घेरकर मजदूरों को कराया गया मुक्त

कार्रवाई के दौरान टीम ने फैक्टरी परिसर को चारों ओर से घेर लिया, ताकि किसी को भागने का मौका न मिले। इसके बाद अंदर मौजूद नाबालिगों सहित सभी 12 मजदूरों को सकुशल बाहर निकाला गया।

प्रशासन ने मुक्त कराए गए मजदूरों को अपनी निगरानी में लेकर उनकी देखभाल शुरू कर दी है। उनके इलाज और पुनर्वास की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

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फैक्टरी मालिक पर होगी कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में फैक्टरी मालिक और अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। आरोपियों पर बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम और बाल श्रम से जुड़े कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि मजदूरों के शोषण से जुड़े इस मामले में जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  24 June 2026, 11:37 AM IST

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