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पीड़ित परिवार ने की न्याय की मांग (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Mirzapur: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के चुनार थाना क्षेत्र से कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां रसूखदार दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने एक घर में घुसकर युवक और उसके परिवार को बेरहमी से पीट डाला। आरोप है कि इस हमले में शामिल मुख्य आरोपी एक स्थानीय सभासद है। गंभीर रूप से घायल पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है, लेकिन आरोप है कि स्थानीय थाने में उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इस घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैली हुई है और पुलिस की भूमिका पर बड़े सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चुनार थाना क्षेत्र में दबंग सभासद किशन मोदनवाल अपने कई साथियों के साथ मिलकर एक पीड़ित परिवार के घर में जबरन घुस गया। हमलावरों ने घर में मौजूद युवक को निशाना बनाते हुए उसकी लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से बेरहमी से पिटाई की। इस खौफनाक हमले में युवक के शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। क्रूरता की हदें तब पार हो गईं जब बीच-बौछाव करने आई परिवार की एक बेटी को भी दबंगों ने नहीं बख्शा और उसके साथ भी मारपीट की गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन पीड़ित परिवार खौफ के साये में जीने को मजबूर है।
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यह मामला सिर्फ मारपीट का नहीं, बल्कि इंसानियत को झकझोर देने वाला है। पीड़ित परिवार पहले से ही एक बड़ी त्रासदी से जूझ रहा था। परिवार की एक बेटी गंभीर बीमारी से पीड़ित है, जिसके इलाज के लिए मजबूर होकर परिवार को अपनी उपजाऊ जमीन तक बेचनी पड़ गई थी। जमीन बेचकर बेटी का इलाज कराया जा रहा था, लेकिन दबंगों के इस कायराना हमले ने परिवार की कमर तोड़ कर रख दी है। जिस बेटी की जिंदगी बचाने के लिए परिवार ने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया, उसे भी इन दबंगों ने शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का शिकार बनाया।
घटना के तुरंत बाद पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लेकर चुनार थाने पहुंचा, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उनकी फरियाद अनसुनी कर दी। थाने में सुनवाई न होने से परिवार का गुस्सा और दर्द सातवें आसमान पर है। चर्चा यह भी है कि मुख्य आरोपी सभासद किशन मोदनवाल का रसूख इतना मजबूत है कि कुछ दिन पहले उसका पुलिसकर्मियों के साथ झड़प का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या खाकी दबंगों के सामने पूरी तरह बेबस हो चुकी है? या फिर पुलिस किसी भारी राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव के चलते आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है?
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इस घटना ने मिर्जापुर प्रशासन और चुनार पुलिस की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। एक तरफ सरकार जीरो टॉलरेंस और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर दबंग सरेआम कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
Location : Mirzapur
Published : 15 September 2026, 7:54 AM IST