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लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती ने यूपी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान किया। गठबंधन की खबरों को फेक बताया और विरोधी दलों पर साजिश का आरोप लगाया।
बसपा सुप्रीमो मायावती
Lucknow: राजधानी लखनऊ में सियासत का पारा उस वक्त अचानक चढ़ गया, जब Mayawati ने साफ शब्दों में ऐलान कर दिया कि बहुजन समाज पार्टी आने वाला यूपी विधानसभा चुनाव अकेले अपने दम पर लड़ेगी। माहौल कुछ ऐसा बना, जैसे चुनावी मैदान में उतरने से पहले ही साजिशों की आहट तेज हो गई हो। मायावती ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, उनके विरोधी उन्हें सत्ता से दूर रखने के लिए नई-नई चालें चलेंगे, लेकिन बसपा इनसे घबराने वाली नहीं है।
‘AI नहीं, संविधान मजबूत कीजिए’
अपने बयान में उन्होंने कहा कि आजकल लोकतंत्र और संविधान को मजबूत करने के बजाय ‘अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ को सफलता की कुंजी बताने की स्वार्थी बहसें चल रही हैं। उनका कहना था कि देश को तकनीक से पहले संवैधानिक मूल्यों की जरूरत है। उन्होंने सभी अंबेडकरवादियों से अपील की कि वे बाबा साहेब के आत्मसम्मान के आंदोलन को और मजबूत करें और किसी भी तरह के भ्रम में न आएं।
गठबंधन की खबरें फेक, विरोधियों पर साजिश का आरोप
मायावती ने साफ कर दिया कि बसपा किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करने जा रही है। उन्होंने कहा कि बसपा के गठबंधन में चुनाव लड़ने की खबरें पूरी तरह झूठी, मनगढ़ंत और हवा-हवाई हैं। उनका आरोप था कि Indian National Congress, Samajwadi Party और Bharatiya Janata Party जैसी पार्टियों की सोच संकीर्ण और अंबेडकर विरोधी है। ये दल लोगों का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की बातें फैलाते हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे “हाथी की मस्त चाल” चलते रहें और 2007 की तरह पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने की तैयारी करें।