सोनभद्र: बजट में राहत न मिलने से नाराज रसोइये, आंदोलन की चेतावनी, पढ़िए पूरा मामला

सोनभद्र में परिषदीय विद्यालयों की रसोइयों ने लंबित मानदेय, स्थायीकरण और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 18 February 2026, 4:48 PM IST
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Sonbhadra: विद्यालयों की रसोई से नाराजगी उठती दिख रही है। सालों से कम मानदेय पर काम कर रहीं रसोइयों ने अब खुलकर अपनी आवाज बुलंद कर दी है। लंबित भुगतान, स्थायीकरण और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर रसोइयों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा है। उनका साफ कहना है कि अगर अब भी सुनवाई नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगी।

2004 से लंबित मानदेय का मुद्दा

मामला सोनभद्र का है। जहां परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई है। माध्यमिक भारतीय रसोईया वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के बैनर तले रसोइयों ने कहा है कि साल 2004 से न्यूनतम मानदेय के अंतर का बकाया अब तक नहीं मिला है। संगठन का कहना है कि इतने सालों से कम पैसे में काम करने के बावजूद उनकी आर्थिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।

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प्रधानमंत्री पोषण योजना में कम मानदेय पर काम

रसोइयों का कहना है कि वे प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत काम कर रही हैं, लेकिन जो मानदेय मिलता है। वह परिवार चलाने के लिए नाकाफी है। उनका कहना है कि महंगाई के इस दौर में इतने कम पैसे में घर चलाना बेहद मुश्किल हो गया है।

11 की जगह 12 महीने का मानदेय और अन्य मांगें

ज्ञापन में साफ तौर पर कहा गया है कि रसोइयों से 11 महीने काम लेने की बजाय पूरे 12 महीने काम लिया जाए और उसी हिसाब से मानदेय दिया जाए। साथ ही नवीनीकरण की प्रक्रिया स्वत हो, प्रस्तावित प्रतिबंध हटाए जाएं, मातृत्व अवकाश, मेडिकल सुविधा और 14 आकस्मिक अवकाश दिए जाएं। मृतक रसोइयों के परिजनों को नियुक्ति और न्याय पंचायत स्तर पर स्थानांतरण की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

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बजट में उम्मीदें टूटीं

संगठन के संस्थापक संरक्षक तईयब अंसारी ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि 2026-27 के बजट में रसोइयों के लिए न्यूनतम मानदेय की घोषणा होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए निर्णय नहीं लिया तो देशव्यापी जनांदोलन और हड़ताल की जाएगी। हालांकि उन्होंने शासन द्वारा जारी आदेशों और कैशलेस सुविधा के प्रयासों के लिए सरकार का आभार भी जताया।

Location : 
  • Sonbhadra

Published : 
  • 18 February 2026, 4:48 PM IST

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