राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमे में कल सुनवाई, आ सकता है बड़ा फैसला

राहुल गांधी के खिलाफ ब्रिटिश नागरिकता मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग वाली याचिका पर 19 फरवरी 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई होगी। यह याचिका मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को चुनौती देती है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 18 February 2026, 5:13 PM IST
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Prayagraj: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता संबंधी मामला एक बार फिर सियासी गलियारों में हलचल मचा रहा है। सांसद राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर दायर याचिका पर 19 फरवरी 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई होगी। मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद अब मामला हाईकोर्ट पहुंच चुका है, जहां से आगे की कानूनी दिशा तय होगी।

मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को चुनौती

यह याचिका लखनऊ के एमपी-एमएलए कोर्ट के 28 जनवरी 2026 के आदेश को चुनौती देती है। उस आदेश में कोर्ट ने Rahul Gandhi के खिलाफ कथित ब्रिटिश नागरिकता मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग खारिज कर दी थी।

अब याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी है। आवेदन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 528 के तहत दाखिल किया गया है, जिसमें संबंधित थाने को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की गई है।

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किन धाराओं में कार्रवाई की मांग

याचिका में राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। इसके अलावा आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, पासपोर्ट अधिनियम और विदेशी अधिनियम के प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की अपील की गई है।

याचिकाकर्ता ने रायबरेली जिले के कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश देने की मांग की है। इस मामले में आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कानूनी हलकों में बहस तेज हो गई है।

एकल पीठ में होगी सुनवाई

मामले की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में एकल पीठ के रूप में न्यायमूर्ति Rajeev Singh करेंगे। अदालत में यह देखा जाएगा कि मजिस्ट्रेट कोर्ट का आदेश कानूनी रूप से सही था या नहीं और क्या एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया जाना चाहिए। इससे पहले MP-MLA Court Lucknow ने कहा था कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज कराने का पर्याप्त आधार नहीं बनता।

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राजनीतिक और कानूनी हलचल

चूंकि मामला देश के प्रमुख विपक्षी नेता से जुड़ा है, इसलिए राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। हालांकि अभी अदालत में केवल प्रारंभिक कानूनी बहस होनी है, लेकिन फैसला आने के बाद इसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।

फिलहाल सबकी नजरें लखनऊ बेंच की सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत का रुख तय करेगा कि मामला आगे बढ़ेगा या यहीं थम जाएगा।

Location : 
  • Prayagraj

Published : 
  • 18 February 2026, 5:13 PM IST

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