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सुल्तानपुर के करमाजितपुर गांव में तिलकोत्सव के दौरान हर्ष फायरिंग में एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपी आबकारी सिपाही को पुलिस ने .32 बोर की लाइसेंसी पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज है।
आबकारी विभाग के सिपाही सुरेंद्र कुमार यादव
Sultanpur: जश्न की रात अचानक गोलियों की आवाज से दहशत में बदल गई। सुल्तानपुर के मोतिगरपुर थाना क्षेत्र के करमाजितपुर गांव में तिलकोत्सव समारोह के दौरान हुई हर्ष फायरिंग ने ऐसा मोड़ लिया कि एक सिपाही की जान पर बन आई। अब इस मामले में आरोपी आबकारी सिपाही को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर खुशी के मौके पर हथियार लहराने की ये परंपरा कब थमेगी।
जानकारी के मुताबिक सोमवार रात समारोह के दौरान रायबरेली में तैनात आबकारी विभाग के सिपाही सुरेंद्र कुमार यादव ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से हर्ष फायरिंग की। लेकिन जश्न का ये प्रदर्शन भारी पड़ गया। गोली उनके ही साथी सिपाही विनीत मिश्र (36) के पेट में जा लगी। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आनन-फानन में घायल को इलाज के लिए प्रयागराज के स्वरूप रानी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है।
घटना के बाद मोतिगरपुर थाने में उपनिरीक्षक श्रीराम मिश्र की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा सीएलए एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत केस कायम हुआ। मंगलवार शाम पुलिस टीम ने लखनऊ-बलिया हाईवे के कैथवारा मोड़ के पास से आरोपी सुरेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से .32 बोर की ऑटोमेटिक पिस्टल, वेबली एंड स्कॉट (मेड इन इंडिया) बरामद की गई। बताया गया कि इस हथियार का लाइसेंस प्रयागराज जिले के फाफामऊ क्षेत्र के शान्तिपुरम पते से जारी हुआ था।
पुलिस ने बरामद पिस्टल को बैलिस्टिक जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेज दिया है। हालांकि घटनास्थल से अभी तक खोखा बरामद नहीं हो सका है, जिसकी तलाश जारी है। थानाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी को बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।