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विशेष पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई सजा
Gorakhpur: गोरखपुर में नाबालिग से यौन उत्पीड़न के मामले में अदालत ने बड़ा और सख्त फैसला सुनाते हुए आरोपी को 22 साल के कठोर कारावास की सजा दी है। पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज इस गंभीर मामले में गोरखपुर पुलिस की मजबूत पैरवी और “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान की प्रभावी मॉनिटरिंग के चलते आरोपी को दोषी करार दिया गया। अदालत के इस फैसले को महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।
पूरा मामला गोरखपुर के थाना गोरखनाथ क्षेत्र का है। वर्ष 2023 में थाना गोरखनाथ में मु0अ0सं0 717/2023 के तहत धारा 5/6 पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में आरोपी मुकेश कुमार पुत्र बेचन प्रसाद निवासी मिर्जापुर पचपेड़वा थाना गोरखनाथ पर नाबालिग से यौन उत्पीड़न का आरोप था।
मामले की सुनवाई विशेष पॉक्सो न्यायालय-01 गोरखपुर में चल रही थी। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 22 वर्ष के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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गोरखपुर पुलिस के अनुसार यह फैसला पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत प्रभावी पैरवी और लगातार मॉनिटरिंग का परिणाम है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में थाना स्तर पर पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल लगातार मामले की निगरानी कर रहे थे।
पुलिस ने घटना के बाद तेजी से विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों को मजबूती से अदालत में पेश किया, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ अपराध सिद्ध हो सका।
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इस मामले में अभियोजन अधिकारी एडीजीसी राघवेन्द्र राम त्रिपाठी की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही। पुलिस और अभियोजन पक्ष के बेहतर समन्वय के चलते अदालत में प्रभावी ढंग से पक्ष रखा गया और आरोपी को सजा दिलाई जा सकी।
Location : Gorakhpur
Published : 29 May 2026, 7:19 PM IST